ओंकारेश्वर ब्रह्मपुरी घाट पर फिर हादसा, नर्मदा में डूबे यूपी के दो युवक, सर्च ऑपरेशन पूरी रात चला, मथुरा के तुषार और आकाश का नहीं चला सुराग
ब्रह्मपुरी घाट पर प्रतिबंधित क्षेत्र में स्नान करने गए दो युवक तेज बहाव में बह गए, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान जारी।

खंडवा मुश्ताक मंसूरी। ओंकारेश्वर में मां नर्मदा नदी के ब्रह्मपुरी घाट पर मथुरा, उत्तर प्रदेश के दो युवक स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए। दोनों की तलाश में एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिल पाया।
खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर मंगलवार को मथुरा, उत्तर प्रदेश के दो युवक डूब गए। ये युवक अपने साथियों के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आए थे। समाचार लिखे जाने तक दोनों का पता नहीं चल सका था। यह दो दिनों में दूसरा और हफ्ते में पांचवां हादसा है, जिससे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रतिबंधित क्षेत्र में स्नान के दौरान बह गए युवक
जानकारी के अनुसार तुषार बंसल (पिता रमेश, उम्र 21 वर्ष) और आकाश ठाकुर (पिता धर्मवीर सिंह, उम्र 20 वर्ष) अपने 8 दोस्तों के साथ ओंकारेश्वर पहुंचे थे। मंगलवार दोपहर ब्रह्मपुरी घाट पर स्नान के दौरान दोनों प्रतिबंधित क्षेत्र में चले गए और तेज बहाव में बह गए। सूचना पर ओंकारेश्वर पुलिस, स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घंटों तलाशी के बावजूद देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।
दो दिन पहले भी हुआ था हादसा
दो दिन पहले पुणे, महाराष्ट्र के दंपति प्रवीण और सुनंदा भी नर्मदा नदी में डूब गए थे। सुनंदा का शव बड़वाह क्षेत्र के कोठावा आश्रम के पास मिला, जबकि प्रवीण का शव घाट पर बरामद हुआ था। श्रद्धालुओं का कहना है कि घाटों पर सुरक्षा गार्ड या बचाव उपकरण नहीं हैं। केवल चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन ओंकारेश्वर बांध से छोड़े जाने वाले पानी की गति अचानक बढ़ जाने से हादसे बार-बार हो रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन ने फिर शुरू की तलाशी
मांधाता थाना प्रभारी जगदीश सिंधिया ने बताया कि मथुरा से आए छह दोस्त दर्शन से पहले ब्रह्मपुरी घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान आकाश फिसलकर गहरे पानी में चला गया। तुषार ने उसे बचाने के लिए छलांग लगाई, लेकिन दोनों ही बह गए। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने शोर मचाया तो होमगार्ड और स्थानीय गोताखोर पहुंचे। करीब नौ घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण उसे रोकना पड़ा। अब बुधवार सुबह फिर से तलाशी शुरू की जाएगी। इस दौरान खंडवा एसपी मनोज कुमार राय भी ओंकारेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए मौजूद थे।



