रायपुर में संसदीय राजभाषा समिति की निरीक्षण बैठक, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने छत्तीसगढ़ में हिंदी के प्रभावी प्रयोग पर दिया जोर

रायपुर- बड़वानी। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित देशभर में राजभाषा हिंदी का प्रभावी और व्यावहारिक प्रयोग प्रशासन को अधिक सरल, पारदर्शी और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रशासन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वे रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उप-समिति के अध्ययन दौरे के प्रथम दिन निरीक्षण बैठक में उपस्थित थे। यह अध्ययन दौरा 29 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा रहा है।
अध्ययन दौरे के प्रथम दिवस रायपुर में संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उप-समिति की निरीक्षण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के माननीय संयोजक, सांसद सदस्यगण तथा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित भारतीय खाद्य निगम, एनटीपीसी की विभिन्न इकाइयों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, केंद्रीय भूजल बोर्ड सहित अन्य केंद्रीय कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयीन कार्यों, पत्राचार, फाइल प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी तथा जनसंपर्क से जुड़े कार्यों में हिंदी के प्रयोग और राजभाषा अधिनियम एवं नियमों के पालन की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा विभागीय प्रस्तुतियां दी गईं, जिन पर समिति सदस्यों ने अपने सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किए।

अध्ययन दौरे के द्वितीय दिवस समिति द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में स्थित रेलवे, दूरसंचार, विद्युत, डाक, बैंकिंग तथा अन्य केंद्रीय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों से जुड़े कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की स्थिति का अवलोकन किया जाएगा तथा हिंदी को कार्यालयीन कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग बनाने पर चर्चा की जाएगी।
अध्ययन दौरे के तृतीय एवं अंतिम दिवस समिति छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित आकाशवाणी, दूरदर्शन, पासपोर्ट कार्यालय, भारतीय मानक ब्यूरो, भारतीय खाद्य निगम सहित अन्य केंद्रीय कार्यालयों का निरीक्षण करेगी। इस दिन पूरे अध्ययन दौरे के दौरान प्राप्त निरीक्षण निष्कर्षों पर समग्र विचार-विमर्श किया जाएगा तथा संबंधित विभागों को राजभाषा हिंदी के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित इस अध्ययन दौरे का औपचारिक समापन होगा।
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि सुशासन और जनसंपर्क का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुरूप हिंदी को प्रशासन की मुख्यधारा से जोड़ने से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्रशासन और आम नागरिक के बीच संवाद और अधिक मजबूत होता है।



