पानसेमल। भाग्य बनाने से बनता है, भागने से नहीं- योग गुरू सोनी

जनोदय पंच। पानसेमल। विधार्थी जीवन भाग्य बनाने का है, भागने का नहीं है। विधार्थी जीवन में निंदा,चुगली करने से भाग्य बिगड़े लगता है, और समझ लीजिए आपके जीवन में दुःख आने ही वाला क्योंकि आपने अपना कीमती समय पढ़ाई-लिखाई की बजाय निंदा चुगली में व्यर्थ कर दिया। और यदि आपने अपना समय पढ़ाई-लिखाई में लगा दिया तो समझ लीजिए कि आप उच्च शिक्षित पद पर आसीन होने वाले हैं। उक्त बातें योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ग्राम टाकली पानसेमल की छात्राओं को निशुल्क योग शिविर में कहीं।
योग ने आगे बताया कि किसी के सुधार लिये निंदा चुगली की जाय तो उसका भविष्य सुरक्षित होगा वह ना रोगी बनानेगा ना भोगी बनेगा। जैसे किसी से कर्ज ना ले ना कर्ज में ना दबे, फैसन से बचे, मधुमेह, केंसर, किसी भी प्रकार की सर्जरी से बचें।किसी का जानबूझकर शारीरिक मानसिक अपमान ना करें, झूठ बोलकर अपना फायदा ना खोजें, स्वयं एवं दूसरों को नशा कर किडनी लीवर ख़राब ना करें। व्यक्ति कुछ समय के लिए प्रसन्न रह सकता है लेकिन कुछ समय के बाद व्यक्ति का भाग्य बिगड़ने लगता है।ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि वह स्वयं के हित में ना जन हित में निर्णय नही ले पाता। अगर वह व्यवस्था अच्छी कर ले जीवन में में उसकी अवस्था अच्छी रहेगी और यथार्थ यही है। व्यवस्था से अर्थ सकारात्मक जीवन शैली, समय से विश्राम, पाचन क्रिया ख़राब करने वाले पेय पदार्थ से दूर रहें, मनोबल, मनोदशा दशा गिराने से दूरी बनाए, योग प्राणायाम का अभ्यास आपको ख़राब मानसिक मानसिकता से बाहर निकाल देता है। और चुस्ती-फुर्ती से शरीर भरा होगा।जिन छात्राओं का पीरियड्स का तेज़ दर्द, आंखों की कमज़ोरी और केंसर का ख़तरा,ये तीनों गम्भीर बीमारियों में अमरुद यानि की जाम का सेवन उपरोक्त्त रोगों में लाभकारी है।अभी सीजन अमरुद का है।
योग गुरु ने शरीर को फुर्तीला बनाने एवं एकाग्रता बढ़ाने के लिए कुंडली शक्ति विकासक क्रिया सिखाईं।विधि इस क्रिया को बीस से पच्चीस बार करें,एडी से नितम्बों पर तेज़ी से मारे।पैर बदल कर। फोटो छात्राएं कुण्डली शक्ति विकासक क्रिया करते हुए। इस अवसर पर अधिक्षिका श्रीमती मीरु खरडे उपस्थित थी। दर्ज संख्या 100 थीं।



