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एमएसपी और कर्ज मुक्ति की मांग पर किसानों का आज खलघाट में बड़ा आंदोलन, खलघाट में शुरू होने लगा किसानों का बड़ा जमावड़ा, प्रशासन अलर्ट,

खलघाट में सुबह से किसानों का पहुंचना शुरू, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी; प्रतिनिधियों और सरकार की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन का फैसला।

धार- खलघाट। नरेंद्र चौहान। खलघाट में आज पांच जिलों के किसान अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के नेतृत्व में आंदोलन के लिए जुट रहे हैं। सुबह से किसानों का पहुंचना जारी है। प्रशासन ने बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक और टोल क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं।


धार जिले के खलघाट टोल नाके पर सोमवार सुबह से ही पांच जिलों के किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर पहुंचना शुरू हो गए। इस आंदोलन में धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसानों की बड़ी संख्या एकत्रित होने की संभावना है।

प्रशासन सतर्क, एडवाइजरी जारी

किसान आंदोलन को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। किसानों के धरना-प्रदर्शन को लेकर पुलिस की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत खलघाट में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी और निगरानी बढ़ा दी गई है। मनावर एसडीएम प्रमोद गुर्जर ने टोल प्लाजा के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

सरकार से वार्ता बेनतीजा, अब आंदोलन

शनिवार को किसान प्रतिनिधियों ने सरकार के साथ चर्चा की थी। इसमें धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों के प्रतिनिधियों ने भोपाल में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना से मुलाकात की थी, लेकिन वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका। किसान प्रतिनिधि फसलों के एमएसपी और कर्ज मुक्ति सहित अन्य मांगों पर अड़े रहे और बात न बनने पर आंदोलन का निर्णय लिया।

कंपनियों पर शोषण के आरोप

मध्य भारत प्रांत संगठन प्रभारी गोपाल पाटीदार, कैलाश पाटीदार और शंकर जाट ने आरोप लगाया कि कंपनियों की मिलीभगत से किसानों का शोषण हो रहा है। उनका कहना है कि मक्का, सोयाबीन और कपास जैसी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी जा रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि ऋण मुक्ति और समर्थन मूल्य लागू होने सहित अन्य मांगे मानी जाती है तो वे आंदोलन रोक देंगे।सोमवार सुबह से किसानों का जुटना जारी है और अनुमान है कि दिन बढ़ने के साथ संख्या और बढ़ेगी।



 


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