सेंधवा: परीक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य पर आयोजित हुई चर्चा, विशेषज्ञों ने परीक्षा तनाव से निपटने के तरीके बताए

जनोदय पंच.सेंधवा। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेंधवा में बुधवार को परीक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर एक चर्चा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। दरअसल, मेंटल हेल्थ क्लब की मंशा के अनुसार इस माह का यह कार्यक्रम सीसीई की परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों में इससे संबंधित तनाव को जानने और समझने के लिए किया गया था। कार्यक्रम प्रभारी डॉ जितेश्वर खरते, ने विद्यार्थियों से कहा कि आप अभी परीक्षा दे रहे हैं। क्या परीक्षा के दौरान आपको अधिक तनाव रहता है और उस तनाव का प्रबंधन कैसे किया जाएगा, इस पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि परीक्षा विश्वविद्यालय की हो या जीवन की, असफलता का भय मन में नहीं होना चाहिए। प्रत्येक परिस्थिति को स्वीकार कर आगे बढ़ने की प्रवृत्ति होनी चाहिए।
तनाव प्रबंधन के उपायों पर चर्चा
विद्यार्थियों ने परीक्षा के तनाव को स्वीकारते हुए इससे निपटने के कुछ तौर-तरीकों पर चर्चा की। बातचीत का सिलसिला दोस्तों से लेकर घर परिवार तक जारी रहना चाहिए। इस पर डॉ जितेश्वर खरते, ने कहा कि स्वाभाविक है, जब किसी विद्यार्थी के पास कोई तनावग्रस्त समस्या होती है, तो वह उसे बातचीत के माध्यम से हल निकाल सकता है। व्यायाम, योग और ध्यान के माध्यम से न सिर्फ आप अपने अनावश्यक तनाव को कम कर सकते हैं, बल्कि अपने मन को एकाग्र भी कर सकते हैं।
3. कोई न कोई शौक होना चाहिए, जो आपके मनोरंजन के साथ-साथ मानसिक शांति प्रदान करता है। यही मानसिक शांति परीक्षा के लिए जरूरी है।
नींद, खानपान और समापन
विद्यार्थी द्वारा देर रात तक जागने से नींद की समस्या देखने को मिल रही है। यदि गुणवत्ता पूर्ण नींद नहीं होगी, तो निश्चित ही अगले दिन के हर कार्य की क्रियाशक्ति प्रभावित होगी। प्राकृतिक रूप से रात के अंधेरे में ही ब्रेन मेलाटोनिन नामक हार्मोन का स्राव तेजी से करता है, जो नींद के लिए आवश्यक है।
आपका खानपान न केवल रासायनिक प्रतिक्रिया को, बल्कि भावनात्मक प्रतिक्रिया को भी प्रेरित करता है। यह आपको बेहतर महसूस कराने और आपके तनाव को दूर करने में सहायक होता है। ऐसे में संतुलित भोजन ही किया जाना चाहिए।
यह कार्यक्रम मेंटल हेल्थ क्लब द्वारा आयोजित किया गया। इसमें प्रो अरुण सेनानी, डॉ सायसिंग अवास्या, सहित परीक्षार्थी उपस्थित थे। यह जानकारी डॉ विकास पंडित, ने दी।



