सेंधवा मंडी में मक्का खरीदी में गड़बड़ी के आरोप, जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, गलत नमी मशीन और कम भाव पर खरीदी को लेकर जयस की नाराजगी
जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने मक्का खरीदी में भ्रष्टाचार, गलत नमी मापक मशीन और व्यापारी साठगांठ के खिलाफ सेंधवा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

सेंधवा में मक्का खरीदी में कथित भ्रष्टाचार और किसानों को कम दाम मिलने के विरोध में जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। किसानों ने गलत नमी मापक मशीन हटाने, तय समर्थन मूल्य लागू करने और व्यापारी साठगांठ पर कार्रवाई की मांग की।
सेंधवा, जिला बड़वानी में मंगलवार को जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के सैकड़ों किसान मक्का खरीदी में हो रहे कथित भ्रष्टाचार के विरोध में एकजुट हुए। किसानों ने अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि सेंधवा मंडी में गलत नमी मशीन के जरिए किसानों के मक्के की नमी 14-15 प्रतिशत होते हुए भी 10-12 प्रतिशत बताई जा रही है, जिससे किसानों को औसतन ₹500 से ₹700 प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 के लिए मक्का का समर्थन मूल्य ₹2,300 तय किया है, लेकिन मंडी में 14 प्रतिशत नमी वाले मक्के की खरीदी मात्र ₹1,600-₹1,700 में की जा रही है।
किसान न्याय के लिए पांच प्रमुख मांगें रखीं
ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि गलत नमी मापक मशीन को तुरंत हटाकर नई और प्रमाणित मशीन लगाई जाए। 14 प्रतिशत नमी वाले मक्के का दाम ₹2,000 से कम न रखा जाए और समर्थन मूल्य ₹2,400 के अनुसार खरीदी की जाए। इसके अलावा मंडी में तय भाव पर ही मिलों द्वारा खरीदी सुनिश्चित की जाए ताकि व्यापारी किसानों को नुकसान न पहुंचा सकें। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पिछले 15 दिनों की खरीदी का दोबारा मूल्यांकन किया जाए और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए। साथ ही निगरानी समिति गठित की जाए जिसमें किसान प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
24 घंटे में कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख नेता राहुल सोलंकी, अमरदीप चौहान, सुनील नरगावे, मांसाराम खरते, जीतेन्द्र डावर, दुर्सिंग किराड़े, दिलीप सोलंकी और आमिर पटेल थे। जयस ब्लॉक अध्यक्ष राहुल सोलंकी ने कहा कि यदि 24 घंटे में प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो किसान मंडी बंद करेंगे, धरना देंगे और भूख हड़ताल सहित जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हम आदिवासी युवा शक्ति हैं कृ न झुकेंगे, न रुकेंगे। यह लड़ाई किसान न्याय तक जारी रहेगी।”



