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अंजड। सिंगणबारी क्षेत्र में खुले में फेंके जा रहे मृत गोवंश और मुर्गियों के अपशिष्ट, स्वास्थ्य पर खतरा

-बदबू और संक्रमण का डर, कार्रवाई की मांग तेज

अंजड। सतीश परिहार। नगर के सिंगणबारी क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा मृत गोवंश, मुर्गियों के शव और अपशिष्ट खुले में फेंक दिए जाने से क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार खुले में शव और अपशिष्ट पड़े रहने से लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ क्षेत्र से निकलने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर लोगों में खासा आक्रोश है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई पशुपालक गोवंश के मृत होने पर शव को बोरे में भरकर या बाले-बाले सिंगणबारी क्षेत्र में खुले में फेंक देते हैं। वहीं कुछ मुर्गा-मुर्गी व्यवसायी (कसाई) भी मुर्गियों के अपशिष्ट को इसी क्षेत्र में खुलेआम डाल देते हैं। इसके कारण क्षेत्र में बदबू बनी रहती है और लोगों को रोजाना असुविधा झेलनी पड़ रही है। वहीं इन अपशिष्ट पदार्थों को खाने के लिए कुत्तों के बड़े बड़े झुंडे आपको यहां वहां विचरण करते हुए दिखाई देते हैं जो कभी भी किसी मानव जीवन के लिए घातक बन सकते हैं।

यह है कारण-

लोगों का कहना है कि मृत गोवंश के शव को दफनाने के लिए गड्ढा खोदने के संबंध में नगर परिषद को राशि देना पड़ती है। इसी कारण कुछ पशुपालक लोग अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए मृत मवेशियों के शवों को खुले में फेंक देते हैं। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

निगरानी बढ़ाई जाए, कार्रवाई की जाए

स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया कि नगर परिषद को सूचना मिलने पर परिषद द्वारा जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर आदि संसाधनों से मृत गोवंश के शव का निपटान किया जाता है। हालांकि लोगों का यह भी कहना है कि नियमित निगरानी और सख्त कदम नहीं उठाए जाने से समस्या बार-बार सामने आ रही है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सिंगणबारी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए और मृत मवेशियों के शव व मुर्गा मुर्गीयों के अपशिष्ट फेंकने वालों की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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