बड़वानी: ठान संकुल में सतत आजीविका मॉडल से पलायन पर लगी रोक, राष्ट्रीय संगठक ने किया व्यापक निरीक्षण
जनसहभागिता आधारित सतत आजीविका मॉडल से पलायन रोकने की दिशा में उल्लेखनीय पहल

बड़वानी; बड़वानी दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठक श्री वी. सतीश जी ने बड़वानी जिले के ग्राम ठान संसदीय संकुल विकास परियोजना क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर वहां संचालित आजीविका एवं विकास कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने ग्राम अम्बापानी संकुल के अंतर्गत आने वाले 25 गांवों से आए समिति सदस्यों और लाभार्थियों से संवाद किया तथा ओएनजीसी के सीएसआर फंड से मानसी विकास संस्था द्वारा कराए जा रहे कार्यों का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान चेक डैमों का निर्माण, महिला स्व सहायता समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, बकरी एवं मुर्गी पालन, नर्सरी विकास, चने, फूल तथा तरबूज की खेती जैसे आजीविका उन्मुख प्रयासों का विस्तार से अध्ययन किया गया। उन्होंने ग्रामीणों को उनकी रुचि के अनुरूप रोजगार सृजन के प्रति प्रोत्साहित करते हुए समग्र आईडी, आधार सत्यापन एवं वन अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
निरीक्षण के क्रम में अलग–अलग ग्रामों में संचालित विविध विकास गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया जिसमें अम्बापानी में माध्यमिक विद्यालय भवन की बाउंड्रीवॉल, निर्माणाधीन संकुल कार्यालय एवं मांगलिक भवन, आमल्यापानी में सेंटिंग कार्य हेतु मिक्सर मशीन, तिरपाल, बल्ली, कटर और ग्राइंडर मशीन का प्रदाय, अम्बावाड़ी सिंदीखोदारी में विद्यालय भवन की बाउंड्रीवॉल तथा उच्च स्तरीय पुल, ग्राम ठान में सीएसआर फंड से निर्मित नवीन स्कूल भवन, हाई स्कूल की बाउंड्रीवॉल, कंप्यूटर लैब, स्वास्थ्य के लिए व्यायामशाला, ओंकार सोलर फार्म द्वारा विद्युत उत्पादन तथा गोई नदी बैराज के निर्माण कार्य का अवलोकन शामिल रहा। इसके साथ ही कदवालिया, अतरसंभा, सिलावद, पखाल्या और जुनाझिरा में विद्यालय भवन, मांगलिक भवन, उच्च स्तरीय पुल, सीएससी बीसी सेंटर, कपड़ा सिलाई दुकान, गौशाला भवन तथा स्कूल भवन निर्माण जैसे कार्यों की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश भाजपा महामंत्री डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संकुल परियोजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर किए गए रोजगार सृजन के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन पहलों से क्षेत्र में पलायन में उल्लेखनीय कमी आई है। डॉ. सोलंकी ने कहा कि ओएनजीसी के सीएसआर फंड से निर्मित चेक डैम, महिला समूहों की वर्मी कम्पोस्ट इकाइयाँ, पशुपालन और उन्नत फसलों की खेती ने ग्रामीण परिवारों की आय वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि ग्राम ठान और जुनाझिरा में एक–एक करोड़ रुपये की लागत से विद्यालय भवनों का निर्माण कराया गया है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।
जिला मीडिया प्रभारी सुनील भावसार ने बताया कि संकुल क्षेत्र में हुए इन निरीक्षणों और संवाद कार्यक्रमों के दौरान खरगोन–बड़वानी लोकसभा के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



