बड़वानी। ग्राम रोसमाल में चौपाल लगाकर कलेक्टर ने दी ग्रामीणों को जानकारी

जनोदय पंच। बड़वानी। शासन द्वारा कृषि विभाग एवं पंचायत ग्रामीण विकास विभाग में उन्नत कृषि हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं का लाभ लेकर आकांक्षी विकासखण्ड पाटी के किसान भाई भी खेती को लाभ का धंधा बना सकते है।
कलेक्टर श्रीमति जयति सिंह ने उक्त बाते मंगलवार को ग्राम रोसमाल में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से कही। ग्राम रोसमाल में कृषि रथ का निरीक्षण करने के दौरान कलेक्टर ने चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती की जानकारी देते हुए कहा कि पाटी विकासखण्ड के किसान भाई अब प्राकृतिक गेहूं एवं मक्का की खेती तो कर रहे है परन्तु अब किसानों को सब्जी की खेती की तरफ भी बढ़ना चाहिए। रासायनिक खेती से जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है, वही प्राकृतिक खेती से मिट्टी उपजाउ होती है । साथ ही प्राकृतिक खेती से उगाये गये सब्जी, फल एवं अनाज का मूल्य बाजार में अधिक मिलता है। वही सरकार की तरफ से 2000 रुपये प्रति एकड़ लाभ भी प्रति सीजन किसान को दिया जाता है।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि उनके क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नही होने से वे खेती के लिए वर्षाकाल पर ही निर्भर है। इस पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को पाट पद्धति, खेत तालाब, मेंढ बंधान, कपिल धारा कूप, सौलर पंप योजना के बारे में बताया। उन्होने ग्रामीणों से कहा कि वे उक्त योजना के माध्यम से अपने खेत में तालाब बनाकर या कूप बनाकर सिंचाई कर सकते है। जिससे वे वर्ष में एक से अधिक फसल ले सकते है।
प्राकृतिक खेती करने वाले बियानसिंग से की चर्चा
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम देरवालिया में 1 एकड़ में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान श्री बियानसिंग पटेल से भी चर्चा की। इस दौरान कृषक ने बताया कि उन्होने आधे एकड़ में मक्का एवं आधे एकड़ में गेहूं की प्राकृतिक खेती की है। जिसमें वे बीजामृत, जीवमृत, 5 पत्ती काढ़ा एवं कण्डा पानी के माध्यम से खेती करते है। इस पर कलेक्टर ने उन्हे प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जी की खेती करने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि वे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के उत्पादो को विक्रय करने के लिए ब्राण्डिंग करे, जिससे किसानों को उनकी उपज का अधिक मूल्य मिल सके।



