मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कृषक कल्याण वर्ष में अनूठी पहल-बड़वानी जिले के जनजातीय बहुल ग्राम नागलवाड़ी में होगी कृषि कैबिनेट
प्रदेश शासन की पहली कृषि कैबिनेट मालवा-निमाड़ के लोकदेवता के आंगन में मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्री-मंडल होगा शामिल

जनोदय पंच। बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा यह संकल्प है कि प्रदेश के अन्नदाताओं को आत्म-निर्भर बनाते हुए उनकी आय को दोगुना किया जाये। इसी क्रम में सोमवार 2 मार्च को जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में किसान कल्याण वर्ष की पहली कृषि कैबिनेट होने जा रही है।
इस दिन नागलवाड़ी से ही सरकार किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। राज्य सरकार का मंत्री-मंडल पूरा दिन नागलवाड़ी में रहेगा, जहाँ कृषि कैबिनेट सहित प्रबुद्धजन एवं किसानों के साथ संवाद होगा और कृषि एवं जनजातीय कल्याण पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में पहली बार कृषि कैबिनेट का आगाज़ मालवा-निमाड़ के लोकदेवता भीलटदेव के आंगन से हो रही है। पहली बार आयोजित हो रही कैबिनेट की तैयारियां भी निमाड़ी ठाठ में नजर आ रहीं है। यहां निमाड़ के लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया जा रहा है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप संजाया गया है। निमाड़ के घरों की शैली में डोम की मुंडेर नजर आ रही है। साथ ही निमाड़ की खेती किसानी के तौर तरीक़े के अनुरूप प्रदर्शनी बनाई गई है। साथ ही निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में बनाया जा रहा है।

लगभग ढाई हजार की जनसंख्या वाला ग्राम नागलवाड़ी जनजातीय बहुल ग्राम है। यहाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में होने वाली कृषि कैबिनेट न केवल बड़वानी जिले अपितु पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक साबित होगी। नागलवाड़ी स्थित 800 वर्ष पुराना प्राचीन भिलट देव मंदिर जनजातीय आस्था में विशेष महत्व रखता है। कृषि केबिनेट के बाद पूरा मंत्री-मंडल इस मंदिर में दर्शन भी करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि कैबिनेट के बाद किसानों और प्रबुद्धजन से संवाद भी करेंगे। संवाद के दौरान एक और प्रदेश एवं किसानों के हित में किये जा रहे कार्यों एवं योजनाओं को साझा किया जायेगा, वहीं क्षेत्र विकास के लिये किसानों एवं प्रबुद्धजन के विचारों और उनकी अपेक्षाओं को आंका जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं मंत्रि-परिषद के सदस्य जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया उत्सव में भी शामिल होंगे। सभी कार्यक्रमों में जनजातीय परम्परा की स्पष्ट झलक दिखाई देगी।
निमाड़ी व्यंजन में निमाड़ी मसाले का ज़ायका होगा खास
मप्र के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगन्तुको के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के ज़ायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी। इसके साथ ही यहां का विशेष दाल पानिये व छांछ की ठंडक का प्रबंध किया जा रहा है। इसके अलावा खास निमाड़ की मिर्च के भजिये भी शामिल है। वहीं श्रीअन्न में कोदो का पुलाव और रागी की बालू शाही विशेष रूप से भोजन में सात्विक तौर पर शामिल है।
पैगोडा, हट और डोम में होंगे इंतजाम
कृषि कैबिनेट के लिए की जा रही तैयारियों में पैगोडा, हट और डोम है। इसी में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। कुल 5 डोम है। इसमें एक में कृषि व जनजाति विभाग की प्रदर्शनियां, एक डोम में ग्रीन रूम्स, एक में कैबिनेट,एक में भोजन शाला और एक डोम में मीडिया ब्रीफिंग की व्यवस्थाएं सुनिश्चित होगी। इसके अलावा 12 से अधिक पैगोडा बनाये जा रहे है। इसमें रिसेप्शन, कंट्रोल रूम, वेटिंग एरिया आदि शामिल है।



