बड़वानी; वन विभाग द्वारा 378 सांपो का किया गया रेस्क्यू

बड़वानी; बडवानी जिले में सांपों की संख्या बहुतायत में पाई जाती हैं। इसका कारण यहां की जलवायू उपयुक्त होना हैं, साथ ही नर्मदा नदी में वर्षा ऋतु में उपरी क्षेत्रों से बहकर आना भी एक कारण हैं। सरदार सरोवर बैक वाटर होने के कारण अत्यधिक क्षेत्र डुब में चला गया है। जिससे भी सांप की उपरी क्षेत्रों में आ गये है। बडवानी जिले में सांप की लगभग 11 प्रजातिया अभी तक वन विभाग के दल के द्वारा रेस्क्यु की गई हैं। जिसमें से सबसे अधिक इंडियन रोक पाईथन, स्पेकल्ड कोबरा, रेड स्नैक है। वर्ष 2025 में अभी तक विभिन्न सांप की प्रजातियों के 378 सांप बडवानी के आस-पास के क्षेत्रों से रेस्क्यु कर सुरक्षित जंगलों में छोड़े जा चुके है। रेस्क्यु के दौरान यहा पर सांप की सबसे अधिक जहरीली प्रजातियों में से स्पेल्ड कोबरा,कॉमन क्रैट, रसेल वाईपर, रेड स्नैक जेसी प्रजतियां भी रेस्क्यु किया गया जिनके काटने से इंसान की मृत्यु हो जाती है। सांप हमारे पारस्थितिक तंत्र के लिए बहुत ही महत्वपुर्ण अंग हैं जो की चूहे एवं अन्य छोटे जानवरों की आबादी को नियंत्रित करते हैं, ओर पर्यावरण को सुरक्षित करते है। वन मण्डल अधिकारी बडवानी श्री आशीष बंसोड़ एवं उप वनमण्डल अधिकारी श्री बी.एल.मुवेल के निर्देशन में रेस्क्यु दल में श्री गजेन्द्रसिंह बामनिया वनरक्षक, श्री सुरेन्द्रसिंह राठौर वनपाल, श्री अंकित शर्मा वनरक्षक, श्री दीपक सोलंकी वनरक्षक के द्वारा इन प्रजातियों का रेस्क्यु कर सुरक्षित जंगलों में छोडने का कार्य किया गया।



