बड़वानी: चायनीज मांजे पर पूर्ण प्रतिबंध, पुलिस ने शुरू की कड़ी चौकिंग
त्यौहार से पूर्व जिले के सभी थाना क्षेत्रों में दुकानदारों और पतंगबाज़ों पर विशेष निगरानी, प्रतिबंधित मांजा मिलने पर सख्त कार्रवाई का निर्देश।

बड़वानी; रमन बोरखड़े। मकर संक्रांति से पहले जिले में चायनीज मांजे के विक्रय और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। पुलिस ने व्यापक चौकिंग अभियान चलाते हुए दुकानदारों और नागरिकों को आदेशों की जानकारी दी और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी की।
बड़वानी जिले में मकर संक्रांति के मद्देनज़र चायनीज मांजे के विक्रय और उपयोग पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने विशेष चौकिंग अभियान शुरू किया। पुलिस अधीक्षक बड़वानी, जगदीश डावर के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य प्रतिबंधित मांजे की बिक्री और उपयोग को रोकना है। अभियान के दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में दुकानों, पतंगबाज़ों और मांजे से जुड़ी गतिविधियों की गहन जांच की गई।

दुकानदारों और नागरिकों को दी गई चेतावनी
अभियान के दौरान दुकानदारों और नागरिकों को बताया गया कि कलेक्टर के आदेशानुसार चायनीज मांजे का विक्रय और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या विक्रेता चायनीज मांजा बेचते या उपयोग करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ धारा 163 ठछैै एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी दुकानों की जांच करते हुए प्रतिबंधित मांजे की उपलब्धता पर विशेष रूप से निगरानी रखी।
चायनीज मांजे के खतरों से कराया जागरूक
पुलिस ने नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि चायनीज मांजा मानव, पशु-पक्षियों और वाहन चालकों के लिए अत्यंत खतरनाक होता है। इसके उपयोग से गंभीर चोटें, गहरे घाव, और कई बार जानलेवा दुर्घटनाएँ भी हो सकती हैं। ऐसे मामलों को रोकने और सुरक्षित त्यौहार सुनिश्चित करने के लिए चायनीज मांजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

सुरक्षित और वैध मांजा उपयोग की अपील
पुलिस ने नागरिकों और दुकानदारों से अपील की कि वे त्यौहार के दौरान केवल सुरक्षित और वैध मांजा ही उपयोग करें। साथ ही निर्देश दिया गया कि नियमों का पालन करते हुए मकर संक्रांति को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव हो सके।



