सेंधवा: धनोरा में भगोरिया हाट में उमड़ा जनसैलाब, ढोल-मांदल की थाप पर थिरका आदिवासी समाज
करीब 10 गांवों से हजारों लोग शामिल, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद, पारंपरिक गैर जुलूस के साथ शुरू हुआ भोंगर्या हाट, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

जनोदय पंच। सेंधवा के धनोरा में आयोजित पारंपरिक भगोरिया हाट में हजारों लोगों की भागीदारी रही। गैर जुलूस से शुरुआत हुई और ढोल-मांदल की थाप पर उत्सव चरम पर पहुंचा। बाजार में खरीददारी और झूलों का आनंद लिया गया। पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
गैर जुलूस से हुई हाट की शुरुआत
सेंधवा के धनोरा में पारंपरिक भगोरिया हाट का आयोजन उल्लास के साथ हुआ। हाट की शुरुआत गांव पटेल के नेतृत्व में गैर के रूप में निकले जुलूस से हुई। ढोल और मांदल की थाप पर युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर हाट बाजार पहुंचे। रंग-बिरंगी पोशाकों और पारंपरिक आभूषणों से सजे युवक-युवतियों की टोलियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने मेले में लगे झूलों का आनंद लिया।
बाजार में दिनभर रही चहल-पहल
हाट बाजार में दिनभर विभिन्न दुकानों पर भीड़ रही। हार, कंगन, श्रृंगार सामग्री के साथ खजूर, संतरे, अंगूर और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीददारी हुई। ग्रामीणों ने पारंपरिक वस्त्र और घरेलू उपयोग की सामग्री भी खरीदी। भोंगर्या हाट के माध्यम से आदिवासी समाज ने अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया। देर शाम तक हाट में रौनक बनी रही।

सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त
आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। टीआई ओपी चौंगडे, चौकी प्रभारी केशव यादव सहित पुलिस बल और ग्राम रक्षा समिति के सदस्य तैनात थे। प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेटिंग कर वाहनों को रोका गया। दोपहर बाद हाट बाजार क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया।



