बड़वानी मंडी में किसानों का हंगामा: सीसीआई ने नमी बताकर कपास खरीदने से किया इनकार
कपास खरीदी को लेकर बुधवार को बड़वानी कृषि उपज मंडी में हंगामा हो गया। किसानों ने सीसीआई पर भेदभाव के आरोप लगाए। विधायक राजन मंडलोई ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से चर्चा की।

बड़वानी कृषि उपज मंडी में सीसीआई द्वारा नमी बताकर कपास नहीं खरीदे जाने पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि व्यापारियों की 14 प्रतिशत नमी वाली कपास खरीदी गई, जबकि उनका कपास अस्वीकृत कर दिया गया। विधायक राजन मंडलोई ने मौके पर हस्तक्षेप किया।
कपास खरीदी पर किसानों का हंगामा
बड़वानी कृषि उपज मंडी में बुधवार दोपहर सीसीआई द्वारा नमी अधिक बताकर कपास खरीदी से इनकार करने पर किसानों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर विधायक राजन मंडलोई मौके पर पहुंचे और सीसीआई अधिकारियों व मंडी सचिव से चर्चा की। किसान मनोहर बडोले ने बताया कि शासन नियमों के अनुसार 12 प्रतिशत तक नमी वाला कपास खरीदा जाता है, जबकि अधिक नमी पर कपास अस्वीकृत कर दिया जाता है। नर्मदा पट्टी के किसानों ने इसी बात को लेकर विरोध जताया।
किसानों का आरोप—व्यापारियों से भेदभावपूर्ण खरीदी
किसानों का कहना था कि कुछ व्यापारियों के 14 प्रतिशत नमी वाले कपास की सीसीआई ने खरीदी कर ली, जबकि 12 से 15 किसानों का कपास, जिसमें 13 से 14 प्रतिशत नमी थी, अस्वीकृत कर दिया गया। मनोहर बडोले ने इसे भेदभाव बताया। किसान सुखलाल ने कहा कि शासन ने फसलों का एमएसपी तय किया है, पर खरीदी उसी दर पर नहीं हो रही। उन्होंने मांग की कि 14 से 16 प्रतिशत नमी वाला कपास भी खरीदा जाए।

विधायक बोले—कपास में ठंड से बढ़ रही नमी
विधायक राजन मंडलोई ने कहा कि ठंड के कारण कपास में नमी बढ़ रही है। किसान रात में गाड़ियां भरते हैं, जिससे दबाव में नमी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मंडी में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और कर्मचारियों का रवैया भी अनुचित है। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी कर्मचारियों की व्यापारियों से साठगांठ है।
कृषि उपज मंडी सचिव सुमन बडोले ने बताया कि सीसीआई का मापदंड 8 से 12 प्रतिशत नमी का है। बुधवार को कुछ किसानों की कपास में नमी 14 प्रतिशत से अधिक थी, जिसके कारण खरीदी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मंडी में सोमवार से शुक्रवार तक सीसीआई खरीदी की प्रक्रिया जारी रहती है।



