बड़वानी; महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का भव्य आयोजन, विज्ञान में महिलाएं थीम पर संगोष्ठी, क्विज़ और प्रदर्शनी से गूंजा परिसर

जनोदय पंच। बड़वानी। स्थानीय महाविद्यालय के विज्ञान विभाग द्वारा श्राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम विज्ञान में महिलाएँ विकसित भारत को उत्प्रेरित करना रखी गई थी, जिसमें मातृ शक्ति के वैज्ञानिक योगदान पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचीन इवोल्यूशन और आधुनिक विज्ञान के अनूठे संगम के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात् अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत हुआ और डॉ. दिनेश पाटीदार ने स्वागत भाषण के माध्यम से कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।

वक्ताओं ने किया मार्गदर्शन
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने एक श्की-स्टोनश् (ज्ञमलेजवदम) की तरह विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बी. एस. मुझाल्दा ने अपने लंबे अकादमिक अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को जीवन को सही दिशा देने का मंत्र दिया।
कार्यक्रम के विशेष आकर्षणों में से एक डॉ. अनिल पाटीदार का व्याख्यान रहा। उन्होंने अपने बेहद ऊर्जावान और हँसमुख अंदाज़ में श्भारतीय ज्ञान परंपराश् और विज्ञान की गहरी बातों को बड़ी ही सरलता से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया।

प्रश्नोत्तरी, डॉक्यूमेंट्री और प्रदर्शनी ने बांधा समां
डॉ. पूजा मण्डलोई द्वारा विज्ञान दिवस की महत्ता बताई गई और महिला वैज्ञानिकों के योगदान पर आधारित एक शानदार डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विज्ञान प्रश्नोत्तरी (फनप्र) का भी आयोजन हुआ, जिसका बेहतरीन संचालन डॉ. लखन परमार एवं डॉ. प्रिया बघेल ने किया, जबकि स्कोरर की भूमिका डॉ. रेवाराम मंडलोई और डॉ. दयाराम मुझाल्दा ने निभाई। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई इको-फ्रेंडली श्विज्ञान प्रदर्शनीश् भी आकर्षण का केंद्र रही।

सफल संचालन और आभार
इस पूरे कार्यक्रम का बेहद प्रभावशाली और जीवंत संचालन प्राणीशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आकाश एस्के ने किया।
कार्यक्रम के अंत में विज्ञान विभाग की ओर से तकनीकी और प्राणीशास्त्र के विशेषज्ञ डॉ. रितेश भावसार ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों व विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. आकाश एस्के के प्रेरणादायक संदेशकृ ष्विज्ञान को दिमाग में रखें, पर इंसानियत और मालवा-निमाड़ की मिट्टी को हमेशा दिल में धड़कने देंष् तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ।



