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सेंधवा में भव्य कलश यात्रा, 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ, आदिवासी संस्कृति की झलक, महायज्ञ से पहले विशाल कलश यात्रा

छोटी बिजासन मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरी यात्रा, तीन दिवसीय महोत्सव में यज्ञ, दीक्षा संस्कार और व्यसन मुक्ति कार्यक्रम

जनोदय पंच; सेंधवा; सेंधवा के मेरखेड़ी में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तहत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। करीब 3 हजार श्रद्धालु और 1 हजार महिलाएं शामिल हुईं। यात्रा छोटी बिजासन मंदिर से शुरू होकर आयोजन स्थल पहुंची। तीन दिवसीय महोत्सव में यज्ञ, दीक्षा संस्कार और पूर्णाहुति के कार्यक्रम होंगे।

सेंधवा शहर के समीप मेरखेड़ी में गायत्री परिवार के 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीन दिवसीय महोत्सव के तहत सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई। इसमें खरगोन, बड़वानी और धार जिलों से हजारों आदिवासी समाज के लोग और गायत्री परिवार के सदस्य शामिल हुए।

कलश यात्रा दोपहर 3 बजे पुराना एबी स्थित पीपलधार के छोटी बिजासन मंदिर में देव पूजन और कलश पूजन के साथ शुरू हुई। यात्रा में करीब 1 हजार से अधिक महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थीं, जबकि कुल 3 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। यात्रा पुराना एबी रोड, गुरुद्वारा चौराहा, तिरंगा चौराहा, भवानी चौक, झंडा चौक, श्याम बाजार, जलाराम मंदिर और निवाली रोड से होते हुए मेरखेड़ी स्थित आयोजन स्थल पहुंची।

सांस्कृतिक झलक और स्वागत

श्रद्धालु पारंपरिक आदिवासी परिधानों में भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे, जिससे आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई दी। मार्ग में कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। निवाली रोड पर मार्निंग ग्रुप के सदस्य सुनील अग्रवाल, छोटू चौधरी, गिरीश दर्शे, प्रदीप नाईक, अनिल वाघ, दिनेश अग्रवाल, मनोज सोनवाने, कमलेश पालीवाल, सुभाष शर्मा, प्रभाकर पाटिल, सतीश वाघ, दिनेश चौधरी, अनिल बागरे, बिन्नी कर्मा, भीखा मांदे, राजेश यादव और राहुल सोनी मौजूद रहे।

यह आयोजन निषादराज संत डेमनिया बाबा के संकल्प का 23वां वर्ष है। उनके संकल्प के अनुसार प्रतिवर्ष अप्रैल माह में 13 से 15 तारीख तक यज्ञ, संस्कार महोत्सव और व्यसन-मुक्ति अभियान आयोजित किया जाता है। इस वर्ष आयोजन के लिए ग्राम मेरखेड़ी का चयन किया गया है।

आगामी कार्यक्रम

तीन दिवसीय महोत्सव के तहत 14 अप्रैल को सामूहिक गायत्री मंत्र साधना, 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ और दीक्षा संस्कार होंगे। रात्रि में दीप यज्ञ और व्यसन मुक्ति का संकल्प लिया जाएगा। 15 अप्रैल को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ समय दान संकल्प, ग्राम-ग्राम यज्ञ, घर-घर गायत्री स्थापना योजना, शिक्षक सम्मान और शांतिकुंज टोली की विदाई आयोजित होगी।

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