106 करोड़ की सड़क पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से रिपोर्ट तलब, 6 माह में गड्ढों में बदली सड़क, हाईकोर्ट ने मांगी स्थिति रिपोर्ट

सेंधवा। इंदौर से मुम्बई जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 3 पर दुर्घटनाओं के मददेनजर बाकानेर घाट के साईड से वैकल्पिक मार्ग 106 करोड़ रूपये की लागत से 8.8 कि.मी. का बनाया गया था लेकिन निर्माण के मात्र 6 माह बाद ही यह सड़क गढडो में तब्दील हो गई। इस मामले को लेकर आज उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान केन्द्र शासन की ओर से समय चाहा गया पश्चात न्यायालय द्वारा 15 जनवरी 2026 तक वस्तुस्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।
उक्त निर्देश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी द्वारा सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई पश्चात् जारी किए गए है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत द्वारा न्यायालय को बताया गया कि 13 दिसम्बर को सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा प्रत्यर्थीगणो को निर्देशित किया गया था कि, उक्त मार्ग की बदहाली को दुर करते हुए 15 दिसम्बर 2025 तक न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करे लेकिन केन्द्र शासन की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि इस प्रकरण में सुनवाई हेतु मुम्बई से सिनियर एडवोकेट उपस्थित होने वाले थे लेकिन वे आज यहां उपस्थित नही सके इसलिये सुनवाई हेतु समय दिया जावे इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि, हमारे द्वारा इस मामले में सडक को सुधार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु पूर्व में निर्देशित किया गया था लेकिन आज आपके द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत नही की गई एंव सिनियर एडवोकेट की उपस्थिति हेतु समय चाहा जा रहा है, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा कहा गया कि एक माह पूर्व न्यायालय द्वारा सडक सुधार के संबध्ंा में रिपोर्ट चाही गई थी एवं केन्द्र शासन की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने सडक सुधार करवाने का आश्वासन भी दिया गया था लेकिन अभी तक न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत नही की गई है परिणाम स्वरूप इसका खामियाजा आम जनता को प्रतिदिन भुगतना पड रहा है, इस पर न्यायालय ने कहा कि प्रतिदिन वाहन चालको को आवागमन में हो रही असुविधा को देखते हुए न्यायालय के समक्ष 15 जनवरी के पूर्व वस्तुस्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करे।



