“बड़वानी के बोरलाय में विभिन्न समुदायों ने दी मंसूरी परिवार को उमराह यात्रा की विदाई”
बोरलाय गांव में सभी समाजों ने एकजुट होकर मंसूरी परिवार को मक्का-मदीना की उमराह यात्रा पर ऐतिहासिक विदाई दी।

बड़वानी जिले के बोरलाय गांव में साम्प्रदायिक एकता की अद्वितीय मिसाल देखने को मिली, जब यहां के प्रतिष्ठित समाजसेवी शरीफ़ मंसूरी, उनकी धर्मपत्नी हसीना बी, पुत्र आफताब और बहू तन्नुम बी मक्का-मदीना की पवित्र उमराह यात्रा पर रवाना हुए। यात्रा पर जाने से पहले पूरे गांव ने मिलकर उन्हें भावभीनी विदाई दी, जो साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बन गई।
विदाई समारोह में विभिन्न समाजों—पाटीदार समाज, यादव समाज, सिर्वी समाज, आदिवासी समाज सहित कई वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गांव के वरिष्ठ नागरिकों जैसे श्री रमेशचंद्र पाटीदार, मोहनलाल पाटीदार, बालकृष्ण पाटीदार, रमेश शाद, मुकेश पाटीदार ने मंसूरी परिवार को हार-फूल पहनाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने इस अवसर पर मंसूरी परिवार की यात्रा को मंगलमय और सफल बनाने के लिए दुआ की।

इस मौके पर बोरलाय गांव के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और पूर्व बैंक अधिकारी हाजी अब्दुल अज़ीज़ मंसूरी ने ग्रामवासियों का आभार जताते हुए कहा, “यह गांव की पुरानी परंपरा रही है कि चाहे नर्मदा परिक्रमा हो, कोई धार्मिक आयोजन हो या सामाजिक कार्यक्रम—गांव के लोग हमेशा एकजुट होकर भाग लेते हैं।”
विदाई कार्यक्रम देर रात तक चला, और रविवार रात 10 बजे जब मंसूरी परिवार मुंबई के लिए रवाना हुआ, तो वातावरण में अपनापन और खुशी का भावुक दृश्य था। ग्रामवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और यात्रा की सफलता की कामना की।
अंत में, मंसूरी परिवार ने सभी ग्रामवासियों का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि वे गांव की एकता और सौहार्द को सुदृढ़ करने के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।
मंसूरी परिवार 01 माह की उमराह यात्रा पर रवाना हुआ है और इस दौरान उन्होंने बोरलाय गांव की एकता और साम्प्रदायिक सौहार्द का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।



