खरगोन-बड़वानी

पानसेमल: विश्व जल दिवस पर जल के महत्व और स्वास्थ्य लाभों पर दी गई जानकारी

जंवाई नगर में महिलाओं को जल के सही उपयोग, योग और घरेलू उपायों की दी गई निशुल्क जानकारी

पानसेमल। जल है तो कल, जल नहीं तो कल नहीं। किस पानी का सदुपयोग करना होगा, किसका नहीं करना, कौन सा पानी हमें संतुष्टि देगा, और कौन सा पानी हमारी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखेगा तथा पेट के रोगों से बचाव करेगा, साथ ही जिससे महिलाओं को पैरों की तकलीफ न हो—इन विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वर्तमान समय में शहरी लोगों का संबंध धरती से कटता जा रहा है। वे जमीन पर पैर नहीं रखते, बल्कि सीमेंट की सड़कों, कोटा स्टोन और मार्बल पर चलते हैं। इस कारण धरती माता से संपर्क टूटने लगा है और समस्याएं बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्र के लोग, किसान, धरती माता, शुद्ध जल और शुद्ध वायु के निरंतर संपर्क में रहते हैं, जिससे वे स्वस्थ रहते हैं। अतः उन्हें भी इस संपर्क को बनाए रखना होगा और कुछ सरल उपायों एवं योग-प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

योग अभ्यास से पैरों की तकलीफ में राहत

पेट के रोग, पैरों की तकलीफ जैसे सूजन, जलन और दर्द आदि समस्याओं के लिए सरल उपाय बताए गए। इसमें स्टूल, कुर्सी, सोफा, खटिया या सीढ़ी पर बैठकर, अपनी सुविधानुसार दोनों पैरों के अंगूठे में महिला चोटी बांधने वाला रबर लगाकर, पैरों को थोड़ा खोलकर, एड़ी जमीन पर टिकाकर पंजों को ऊपर-नीचे करने का अभ्यास बताया गया। यह अभ्यास कपड़े सिलने वाले टेलर मास्टर की तरह करना है। प्रतिदिन 30 सेकंड तक पांच आवृत्ति करने से पैरों की संपूर्ण तकलीफों में आराम मिलता है।

प्राकृतिक जल के सेवन की सलाह

हड्डियां मजबूत रहें, पानी पीने के बाद संतुष्टि मिले और पेट के रोग न हों, इसके लिए कुएं, झरना जैसे प्राकृतिक स्रोतों के पानी को उबालकर, छानकर मटके या तांबे के पात्र में भरकर सेवन करने की सलाह दी गई। इससे चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है और आर्थिक नुकसान से भी बचाव होता है। यह जानकारी योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने विश्व जल दिवस पर पानसेमल के जंवाई नगर स्थित टंकी पर कपड़े स्वच्छ कर रही महिलाओं को निशुल्क दी।

निशुल्क प्रशिक्षण और सामग्री वितरण

योग गुरु ने महिलाओं को रबर बैंड एवं विट्ठल आसन के माध्यम से शारीरिक और मानसिक तकलीफों से बचाव के उपाय सिखाए। साथ ही, कौन सा पानी सेवन करना चाहिए, इसकी जानकारी दी और रबर बैंड का निशुल्क वितरण भी किया।


 

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