सेंधवा

सेंधवा: 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा की तैयारियां जोरों पर, भव्य शोभायात्रा की रूपरेखा तैयार

1 से 7 जनवरी तक आयोजन, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से तैयारियां तेज

जनोदय पंच | सेंधवा। नववर्ष के अवसर पर सेंधवा में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर शोभायात्रा की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। बैठकों के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यवस्थागत पहलुओं पर चर्चा कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

 
नगर में नववर्ष के शुभारंभ के साथ ही धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण सृजित होने जा रहा है। समाजसेवी स्व. विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में 1 जनवरी से 7 जनवरी तक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। कथा-वाचन निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण जी देवाचार्य (सलेमाबाद) के श्रीमुख से होगा। आयोजन समिति द्वारा कथा स्थल, श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

शोभायात्रा को लेकर बनी विस्तृत योजना

कथा के भव्य शुभारंभ के अवसर पर 1 जनवरी को राजराजेश्वर मंदिर से कथा स्थल तक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा निकाली जाएगी। नगर में धार्मिक चेतना का संचार करने और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शोभायात्रा की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में गायत्री शक्तिपीठ, किला अंदर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

महिलाओं की सक्रिय भूमिका

बैठक में हिंदू समाज की महिलाओं की विशेष उपस्थिति रही। महिलाओं ने शोभायात्रा को अधिक भव्य, अनुशासित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए कई रचनात्मक सुझाव दिए। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा, मंगल कलश, भगवा ध्वज, ढोल-नगाड़ों के साथ भजन मंडलियों की सहभागिता तथा बच्चों और युवाओं की धार्मिक झांकियों को शामिल करने पर जोर दिया। इसके साथ ही शोभायात्रा मार्ग को पुष्पवर्षा, रंगोली और स्वागत द्वारों से सजाने का सुझाव भी रखा गया।

भक्तिमय वातावरण बनाने की तैयारी

आयोजन समिति ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। नगर के विभिन्न समाज, धार्मिक संगठन और महिला मंडल अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की टोली गठित करने पर भी सहमति बनी है। कथा स्थल पर प्रतिदिन सुबह और संध्या के समय भजन, कीर्तन और प्रवचन होंगे, जिससे संपूर्ण नगर भक्तिरस में सराबोर रहेगा। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और कथा आयोजकों ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।

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