सेंधवा–पलसुद–बड़वानी स्टेट हाईवे-39 पर बड़ी कार्रवाई: टोल अनुबंध निलंबित, अब एमपीआरडीसी करेगा संचालन और मरम्मत

सेंधवा। टोल प्लस एन्युटी योजनांतर्गत निर्मित सेंधवा से व्हाया पलसुद बड़वानी राज्य राजमार्ग क्रं. 39 की बदहाली को लेकर की गई षिकायतो के पश्चात मुख्य अभियंता (बीओटी) म.प्र. सड़क विकास निगम भोपाल द्वारा कंसेषनायर (रियायतग्राही) के कंसेशन एग्रीमेन्ट (छुट अनुबंध) को निलंबित करते हुवे टोल प्लाजा को 1 अप्रैल 26 से एमपीआरडीसी ने अपने आधिपथ्य में ले लिया है। टोल का संचालन एवं सड़क की मरम्मत का कार्य अब एमपीआरडीसी द्वारा कराया जावेगा।
यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल.जैन द्वारा देते हुए बताया गया कि उनके द्वारा 11 एवं 22 जनवरी तथा 16 व 22 मार्च 26 को मुख्यमंत्री, लोकनिर्माण मंत्री, प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी, मुख्य अभियंता भोपाल व कलेक्टर बडवानी को शिकायत प्रेषित कर उन्हे अवगत कराया गया था कि टोल प्लस एन्युटी योजनांतर्गत 57 कि.मी. मार्ग का निर्माण सन् 2012 मे 15 वर्ष की कंसेशन अवधि के लिए किया गया था, जिसकी अवधि दि. 05 दिसम्बर 26 को समाप्त हो रही है। उक्त योजना के तहत सडक बनाने वाली कम्पनी को टोल वसुली के अतिरिक्त शासन द्वारा प्रति 6 माह में निर्धारित राशि भी प्रदान की जाती है बावजूद इसके कंसेष्नायर द्वारा इस सड़क का संधारण कार्य एक लंबे अरसे से नही किया जा रहा है जिससे प्रतिदिन सैकड़ो वाहन चालको को आवागमन मे हमेशा बाधा उत्पन्न होती है साथ ही दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है। जिससे वाहन चालको में गहरा आक्रोष व्याप्त है क्योकि जिस मार्ग से गुजरने पर प्रत्येक कि.मी. का टोल टैक्स वसुला जा रहा है उस सड़क पर कंसेष्नायर द्वारा लम्बे समय से संधारण कार्य नही किया जा रहा है।

श्री जैन ने बताया कि उनकी शिकायत पश्चात संभागीय प्रबंधक म.प्र.सड़क विकास निगम इंदौर-धार द्वारा मुख्यालय को प्रस्ताव प्रेषित कर लिखा गया था कि कंसेष्नायर को अनुबंध की धाराओं के अनुसार मार्ग के आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य करने के निर्देष जारी किए गए थे किंतु अनेको सुचना पत्र जारी करने के बाद भी कंसेष्नायर द्वारा आवष्यक संधारण कार्य नहीं करवाया जा रहा है। अतः उनकी टोल वसुली निलंबित की जाकर यह कार्य रिस्क एण्ड कास्ट पर विभाग द्वारा करवाए जाने की अनुशंसा मुख्यालय को भेजी गई थी। इस हाईवे पर मरम्मत एवं समय-समय पर रख रखाव के लिये 5.47 करोड़ के प्राक्कलन मुख्यालय को भेजे गए थे साथ ही संभागीय प्रबंधक ने तात्कालिक एवं अतिआवश्यक मरम्मत कार्य के लिए 76 लाख की राशि के प्राक्कलन भी प्रेषित किए थे। प्रस्ताव प्राप्ति पश्चात् मुख्य अभियंता (बीओटी) सुनील वर्मा द्वारा कंसेष्नायर को सुचना पत्र जारी करते हुए सुचित किया कि आपको बार-बार सुचना पत्र दिए जाने के बाद भी अनुबंध के मुताबिक कार्य करने मे आप असफल रहे है, इस संबंध मे लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही है अतः 1 अप्रैल 2026 से आपकी टोल वसुली निलंबित का जाती है साथ ही संभागीय प्रबंधक ने अतिआवश्यक मरम्मत कार्य के लिए जो प्राक्कलन भेजा है इसे रियायतग्राही के रिस्क एण्ड कास्ट पर मंजुर करते हुए मरम्मत एवं समय-समय पर रख रखाव के लिये 5.47 करोड़ रूपये के कार्य की स्वीकृती भी प्रदान करते हुए नियमानुसार निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर कार्य प्रारंभ करने के संबंध मे आदेष जारी किए है।
श्री जैन ने बताया कि संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी से आज मोबाईल पर हुई चर्चा में उन्होंने बताया कि अतिआवष्यक मरम्मत कार्य के लिये मुख्य अभियंता द्वारा 64.39 रूपये की प्रषासकीय स्वीकृति प्रदान की है, संभाग स्तर पर ही विभागीय प्रक्रिया पुरी कर शीघ्रातीशिघ्र इस कार्य को सम्पन्न कराया जावेगा। श्री जैन ने इस स्वीकृति के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभागीय अधिकारियों एवं जिला प्रषासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हे धन्यवाद प्रेषित किया है।



