सेंधवा: चाचरिया ग्रिड की अनियमित आपूर्ति पर विधायक मोंटू सोलंकी ने अधिकारियों को घेरा, ग्रामीण ग्रिडों की बिजली कटौती और ट्रिपिंग पर बढ़ी नाराजगी, विधायक ने उठाए गंभीर मुद्दे
विधायक मोंटू सोलंकी ने किसानों के साथ विभागीय अधिकारियों के सामने लगातार कटौती, ट्रिपिंग और वोल्टेज गिरावट के मामलों पर कड़ी आपत्ति जताई।

सेंधवा क्षेत्र के चाचरिया ग्रिड और अन्य ग्रामीण ग्रिडों में अनियमित बिजली आपूर्ति, बार-बार कटौती और वोल्टेज समस्या के चलते किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को गंभीर बताते हुए विधायक ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल तकनीकी सुधार और 10 घंटे सतत सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की।
सेंधवा। सेंधवा विधानसभा के चाचरिया ग्रिड और अन्य ग्रिड क्षेत्रों में लगातार हो रही अनियमित बिजली आपूर्ति, बार-बार कटौती, ट्रिपिंग और वोल्टेज गिरावट की गंभीर समस्या को लेकर आज विधायक मोंटू सोलंकी ने किसानों के साथ विभागीय अधिकारियों के समक्ष कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसानों को नियम अनुसार प्रतिदिन 10 घंटे निरंतर और स्थिर बिजली मिलना अनिवार्य है, लेकिन बार-बार कटौती और ट्रिपिंग के कारण सिंचाई बाधित हो रही है, मोटर जल रही हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तकनीकी सुधार और निरंतर सप्लाई की मांग
विधायक मोंटू सोलंकी ने विभाग को निर्देशित किया कि चाचरिया सहित सभी प्रभावित ग्रिड क्षेत्रों में 10 घंटे की सतत बिजली आपूर्ति तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बार-बार कटौती रोकने के लिए तकनीकी सुधार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और फिटर की नियुक्ति का आदेश दिया। उनका कहना था कि वोल्टेज कम-ज्यादा होने की समस्या का समाधान किए बिना किसानों को राहत नहीं मिलेगी, इसलिए विभाग को शीघ्र तकनीकी उन्नयन करना होगा।
बिलिंग चक्र बदलने और स्थिर आपूर्ति की मांग
बैठक में विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि गेहूं की फसल लगभग 2 से 3 माह में पक जाती है, ऐसे में किसानों पर 4 माह वाले बिलिंग चक्र का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि बिजली बिल चक्र को मौसम और फसल अवधि के अनुरूप 2 से 3 माह का किया जाए। इसके साथ ही बार-बार होने वाली कटौती को रोककर नियमित, स्थिर और पर्याप्त बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



