बड़वानी; भाव और सम्मान का संगम है मातृभाषा
आदर्श महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का पखवाड़ा कार्यक्रम

बड़वानी ; शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत परिवार के संवाद की भाषा पर व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार में संवाद की भाषा यह वर्तमान समय का सबसे प्रासंगिक विषय है। हम अपनी मूल बोली और भाषा को भूलकर विदेशी भाषा और संस्कृति को अपना रहे। जबकि हमारी मातृभाषा हमारे भावों की, सम्मान की, स्वतंत्रता की पहचान है। यदि हम अपनी जड़ को भूल जाएंगे तो सूख जाएंगे। अस्तित्व समाप्त हो जायेगा। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बी.एस. मुजाल्दा ने इस अवसर पर कहा कि हमारे क्षेत्र में भिलाली, बारेली भीली, निमाड़ी, मालवी बोली जाती हैं और घरों में यह बोलियां प्रचलित है। हमारे गीत हमारी परंपराएं इन बोलियां में ही भाव और सम्मान महसूस कराती है शिक्षा संस्कृति उत्थान के संयोजन में आयोजित इस व्याख्यान में महाविद्यालय के डॉ. दिनेश पाटीदार ने कहा कि आप अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों से अपने घर की बोली में संवाद करें और परंपराओं को अपनी बोली में व्यक्त करें महाविद्यालय के डॉ. डी.आर. मुजाल्दा ने भाषा के महत्व पर और संवाद की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.अनिल पाटीदार जिला नोडल स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।




