भोपाल : रिटायर्ड बैंक मैनेजर डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसे, 68 लाख रुपए ठगे, पुलिस अफसर बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, बुजुर्ग से करोड़ों की ठगी का डर दिखाकर रकम वसूली
शाहपुरा निवासी दयाराम देशमुख को वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर साइबर शातिरों ने पांच एफडीओ तोड़वाकर 68 लाख रुपए ट्रांसफर कराए।

भोपाल के शाहपुरा में साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट किया और उनसे 68 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित परिवार ने स्टेट साइबर में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में रहने वाले दयाराम देशमुख, जो बैंक ऑफ इंडिया से रिटायर्ड मैनेजर हैं, साइबर ठगी के बड़े मामले का शिकार हुए। सोमवार को अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कॉल कर स्वयं को भोपाल पुलिस का अधिकारी बताया और उनके कार्यकाल के दौरान हुए चार करोड़ रुपए के कथित फ्रॉड में जेल भेजने की धमकी दी। आरोपियों ने बातचीत के दौरान उनकी बहन को जान का खतरा होने की चेतावनी भी दी। इससे व्याकुल होकर दयाराम देशमुख ने पूरी जानकारी अपनी पत्नी को दी।
सिग्नल ऐप डाउनलोड कराया, वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’
बाद में आरोपियों ने उन्हें जांच में सहयोग देने का भरोसा दिलाते हुए एक कमरे में बंद रहने को कहा, जिसे उन्होंने “डिजिटल अरेस्ट” बताया। इसके बाद दयाराम देशमुख के मोबाइल में सिग्नल ऐप डाउनलोड कराया गया और वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार पूछताछ की गई। पूछताछ करने वाला व्यक्ति पुलिस अधिकारी जैसा दिख रहा था और वर्दी पहनकर ऑफिस में बैठा था, जिससे पीड़ित को यह पूरी कार्रवाई वास्तविक लगने लगी।
सुरक्षा राशि के नाम पर पांच एफडीओ तुड़वाकर 68 लाख रुपए ट्रांसफर
आरोपियों ने कहा कि यदि वे जांच में सहयोग करेंगे तो उन्हें बचा लिया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा राशि के रूप में पैसे मांगे गए। मंगलवार को दयाराम देशमुख और उनकी पत्नी बैंक पहुंचे और पांच अलग-अलग एफडीओ से लगभग 68 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद ठगों ने कहा कि अब कोई खतरा नहीं है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी को इस बारे में जानकारी न दी जाए।
पूरा मामला तब सामने आया जब उनके बेटे पियूष देशमुख को घटना की जानकारी मिली। पियूष देशमुख ने तुरंत माता-पिता को स्टेट साइबर कार्यालय ले जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



