बड़वानी: आदर्श महाविद्यालय में मनोबल सत्र का ऑनलाइन आयोजन, विद्यार्थियों ने सुने तनाव मुक्ति के उपाय
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर चार दिवसीय श्रृंखला का प्रथम व्याख्यान, एम्स भोपाल के डॉ. तन्मय जोशी ने बताए तनाव प्रबंधन के तरीके

बड़वानी, जनोदय पंच। नगर की शासकीय आदर्श महाविद्यालय, बड़वानी में कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार मनोबल सत्र का ऑनलाइन प्रसारण विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को दिखाया गया। चार दिवस की इस श्रृंखला के प्रथम दिवस पर व्याख्यान का आयोजन हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य, डॉ. प्रमोद पंडित, ने बताया कि अभी तृतीय वर्ष की परीक्षाएं प्रारंभ हो गई हैं। विद्यार्थी परीक्षा को लेकर तनाव में रहता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के मार्गदर्शन में विभाग ने विद्यार्थियों के मनोबल बढ़ाने के लिए इस प्रकार का व्याख्यान ऑनलाइन आयोजित किया है।
विशेषज्ञ ने बताए तनाव मुक्त रहने के उपाय
महाविद्यालय के एनटीएफ प्रभारी तथा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल, डॉ. अनिल पाटीदार, ने बताया कि डॉ. तन्मय जोशी, सहायक प्राध्यापक, मनोचिकित्सा विभाग, एम्स भोपाल, द्वारा तनाव मुक्त रहने के लिए विभिन्न उपाय बताए गए। डॉ. तन्मय जोशी ने अपने व्याख्यान में कहा कि शैक्षणिक तनाव परीक्षा, परिणाम, उम्मीद, बड़ा सिलेबस, समय की कमी, कड़ी प्रतिस्पर्धा तथा भविष्य की चिंता के कारण होता है, जिससे विद्यार्थियों को कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं हो जाती हैं। वह एकांत में रहना पसंद करने लगता है, उदासी आ जाती है, किसी काम में मन नहीं लगता और आत्मविश्वास कम हो जाता है।

उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को पैसिव रीडिंग छोड़कर एक्टिव रिकाल पद्धति अपनानी चाहिए। अर्थात पुस्तक बंद कर स्वयं को समझाएं कि क्या पढ़ा है और कितना याद है। छोटे-छोटे टॉपिक पर प्रश्न बनाएं, अच्छी और गहरी नींद लें। रिवर्स इंजीनियरिंग के अंतर्गत लक्ष्य के बचे हुए दिनों की उल्टी प्लानिंग करें तथा जो बाद में प्रश्न पत्र है उसे पहले पढ़ें। इस प्रकार विद्यार्थी स्वयं को तनाव मुक्त रख सकता है।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों की सहभागिता रही। प्रतिदिन आयोजित हो रहे इस व्याख्यान से विद्यार्थी और प्राध्यापक लाभान्वित हो रहे हैं। एनटीएफ के मेंटल हेल्थ क्लब में विद्यार्थी अभिभावक के प्रमुख, डॉ. दिनेश पाटीदार, और सहयोगी, डॉ. लखन परमार, ने इस व्याख्यान के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



