पानसेमल: योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने सिखाए स्वास्थ्यवर्धक आसन, कर्मचारियों को दिए जीवन प्रबंधन के संदेश
योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने कहा, अच्छा कर्म मन को सुकून देता है और लापरवाही जीवन में दुःख का कारण बनती है

पानसेमल, जनोदय पंच। पानसेमल में आयोजित योग अभ्यास के दौरान योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने कहा कि समझदार व्यक्ति शांत रहता है, जबकि मूर्ख शोर मचाता है। शोर मचाने से कुछ नहीं होता, इसलिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल मिलता है। मनुष्य आगे चलता है और कर्म उसके पीछे चलते हैं। अच्छा कार्य मन को सुकून देता है, जबकि बुरा कर्म और लापरवाही दुःख का कारण बनते हैं। इसी कारण कई लोग जीवनभर मानसिक रूप से विचलित रहते हैं और विभिन्न रोगों से परेशान हो जाते हैं। योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने स्थानीय कर्मचारियों को कटि दीवाल आसन और सुख ग्रीवा आसन सिखाते हुए ये बातें कहीं।
गर्दन और कमर दर्द से बचाव के उपाय
योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने बताया कि वर्तमान समय में व्यक्ति, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग गर्दन दर्द, मिड बैक पेन अर्थात कमर दर्द से काफी परेशान रहने लगे हैं। इस कारण उन्हें अपनी नौकरी करते समय दर्द के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है और कई बार आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक विवाद और फालतू गतिविधियों में समय बर्बाद करने के बजाय व्यक्ति को अपने शरीर और मन के लिए समय निकालना चाहिए। नियमित रूप से आसन, प्राणायाम और सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास करने से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों से काफी हद तक राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि शोर मचाने से रोग दूर नहीं होते, बल्कि शांत मन से नियमित अभ्यास करने से धीरे-धीरे रोग कम होने लगते हैं।
ग्रीष्म ऋतु में खानपान और दिनचर्या की सलाह
योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने गर्मी के दिनों में खानपान और दिनचर्या को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में तीखे, खट्टे और कड़वे पदार्थ, अधिक नमकीन, तेज मिर्च-मसाले, बासी दही, आमचूर, अचार और इमली से बचना चाहिए।

ग्रीष्म ऋतु में वायु संचय, जठराग्नि मध्यम और शारीरिक बल में कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इस मौसम में ठंडाई, आम का पना, शिकंजी, सत्तू, केले, नारियल पानी, मौसंबी, आम, सेवफल, अनार और अंगूर का सेवन लाभकारी माना गया है। उन्होंने सुबह के समय पर्याप्त पानी पीने, मटके का पानी उपयोग करने और आवश्यकता अनुसार भोजन से पहले हरड़ चूर्ण देशी गुड़ के साथ लेने की सलाह दी। दोपहर में सिर ढंककर रखने, अधिक परिश्रम से बचने और रात में पर्याप्त नींद लेने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर बिजली बोर्ड के जेई राजेन्द्र पटेल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।



