खरगोन-बड़वानी

बड़वानी: कृषि विज्ञान केंद्र की कार्यशाला में आदर्श महाविद्यालय के विद्यार्थियों की सहभागिता

कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण में वैज्ञानिकों ने पोषण, किचन गार्डन और कृषि आधारित संभावनाओं पर दिया व्याख्यान

बड़वानी, जनोदय पंच। आदर्श महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कृषि विज्ञान केंद्र, बड़वानी में आयोजित कार्यशाला में सहभागिता की। कृषि विज्ञान केंद्र, बड़वानी में आयोजित अंतः सेवा प्रशिक्षण के अंतर्गत कुपोषण निवारण एवं फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। प्राचार्य, डॉक्टर प्रमोद पंडित, ने बताया कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यशाला में सहभागिता की, जिसमें प्रधान वैज्ञानिक, डॉ एस के बड़ोदिया, ने बड़वानी जिले में फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में डॉ एस के बड़ोदिया ने कहा कि बड़वानी क्षेत्र फल-सब्जियों की दृष्टि से पर्यावरण अनुकूलता रखता है। यहां बड़े पैमाने पर विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियों का उत्पादन किया जा सकता है तथा इनके वितरण की भी अच्छी संभावना है। विभिन्न अवधारणाओं के माध्यम से इस संबंध में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया।

वैज्ञानिकों ने पोषण और न्यूट्रिशन गार्डन पर दी जानकारी

डॉ विनोद, ने सोयाबीन के पौष्टिक महत्व के बारे में समझाया तथा उसमें उपस्थित जैविक घटकों को पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से बताया। साथ ही मोटे अनाज से होने वाली पौष्टिकता को समझाते हुए कहा कि इससे कुपोषण की दर बड़े स्तर पर कम की जा सकती है। मुख्य वैज्ञानिक एवं वक्ता, डॉ. अनीता शुक्ला, ने कुपोषण तथा शरीर में विभिन्न विटामिन के महत्व और जैविक फलों एवं वनस्पतियों के मूल्य संवर्धन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि आज आवश्यकता कुपोषण को समझने की है। हम पूर्ण पोषक आहार नहीं लेते, जो हमें विविध फल-सब्जियों और अनाज से प्राप्त होता है। इसके कारण शरीर में विभिन्न विटामिन, प्रोटीन और खनिज लवण की कमी हो जाती है, जो कुपोषण का बड़ा कारण है। यदि जागरूकता हो तो इसे दूर किया जा सकता है।

डॉ डी.के. जैन, ने किचन गार्डन और न्यूट्रिशन गार्डन की बनावट तथा उसके महत्व के बारे में बताया और आदर्श महाविद्यालय के विद्यार्थियों को घर में न्यूट्रिशन गार्डन लगाने के बारे में समझाया। कार्यशाला में आदर्श महाविद्यालय के प्रो. आकाश एसके, डॉ. प्रिया बघेल, डॉ. डी.आर. मुजाल्दा, डॉ. रितेश भावसार, डॉ. नारायण पाटीदार, डॉ. अलकेश मुवेल, डॉ. माणक सोलंकी, डॉ. राजेंद्र चौहान सहित महाविद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपने फीडबैक में कहा कि यह कार्यशाला कुपोषण के प्रति उनके ज्ञान को बढ़ाने वाली है और समाज में जागरूकता लाकर इस दिशा में कार्य किया जा सकता है। साथ ही फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन पर भी उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल, डॉ. अनिल पाटीदार, ने बताया कि विद्यार्थियों को करियर के क्षेत्र में फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन को समझकर क्षेत्र में इसका लाभ लिया जा सकता है।

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