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सेंधवा में नेशनल लोक अदालत से पक्षकारों को राहत, समझौते के माध्यम से विवादों का निराकरण

सेंधवा न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, चेक बाउंस, आपराधिक, सिविल, नगर पालिका व बैंक रिकवरी सहित विभिन्न मामलों का समझौते के आधार पर निराकरण किया गया और कई पक्षकारों को आर्थिक लाभ मिला।

जनोदय पंच।  सेंधवा न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन कर विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों का समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया। मोटर दुर्घटना क्लेम, चेक बाउंस, सिविल, आपराधिक, नगर पालिका और बैंक रिकवरी मामलों में लाखों रुपये की राशि दिलाई गई और अनेक पक्षकार लाभान्वित हुए।

सेंधवा में मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बड़वानी महेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकरण बड़वानी के माध्यम से सेंधवा न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

लोक अदालत का शुभारंभ प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेंधवा दीपिका मालवीय, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सेंधवा आदेश कुमार मालवीय, तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सेंधवा रश्मिना चतुर्वेदी, न्यायिक मजिस्ट्रेट सेंधवा शुभम मोदी, न्यायिक मजिस्ट्रेट सेंधवा सौम्या चौधरी तथा अभिभाषक संघ के अध्यक्ष शैलेष जोशी, नरेन्द्र तिवारी, हरिशंकर बालिचा, अन्तिम सिंह कुशवाह, अतुल मण्डलोई, वरुण चौहान, अश्विनी शर्मा, संतोष सोनी, मयूर गर्ग, शांतिलाल वर्मा, कैलाश तरौले, मालती अग्रवाल, ललिता नरगावे, करण खरते, रोहित चौहान, सुवा लाल सोलंकी सहित अन्य सदस्यों की उपस्थिति में किया गया।

इस दौरान विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री सखाराम खरते, सहायक यंत्री युवराज अवाया, कनिष्ठ यंत्री रविकांत नीलकंठ सहित विद्युत मंडल के कर्मचारी, नगर पालिका तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी और न्यायालयीन कर्मचारियों ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन किया।

समझौते से विवाद समाधान पर जोर

लोक अदालत के शुभारंभ पर न्यायाधीशों ने उपस्थित पक्षकारों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों और अभिभाषक संघ सेंधवा के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत लगाने का उद्देश्य प्रकरणों का निराकरण समझौते के माध्यम से करना है।

उन्होंने कहा कि आपसी समझौते से परस्पर सद्भावना बढ़ती है और लोक अदालत एक सरल व सशक्त माध्यम है। ऐसे अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। लोक अदालत से समय, धन और श्रम की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच तनाव कम होता है। लोक अदालत के माध्यम से बैंक, क्रिमिनल केस, सिविल केस, नगर पालिका, मोटर दुर्घटना, वन विभाग, बिजली विभाग, पारिवारिक प्रकरण और राजस्व मामलों का निराकरण किया जाता है।

पूर्व में आयोजित लोक अदालतों को लेकर पक्षकारों में जागरूकता रही है और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। लोक अदालत समय व श्रम की बचत के साथ ही सद्भावना बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण

लोक अदालत में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेंधवा दीपिका मालवीय के न्यायालय में 3 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 12,00,000 रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए और 12 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सेंधवा आदेश कुमार मालवीय के न्यायालय में 10 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 1,03,88,000 रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए और 75 व्यक्ति लाभान्वित हुए। इसके अलावा विद्युत मंडल के 20 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 11,40,813 रुपये की राशि जमा हुई और 49 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 1 सिविल बजावरी प्रकरण का निराकरण किया गया, जिसमें 3 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

अन्य मामलों में भी मिला लाभ

तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सेंधवा रश्मिना चतुर्वेदी के न्यायालय में 7 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 43,86,000 रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए और 27 व्यक्ति लाभान्वित हुए। इसके साथ ही 3 क्लेम बजावरी प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 5,78,273 रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए और 9 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

न्यायिक मजिस्ट्रेट सेंधवा शुभम मोदी के न्यायालय में 13 आपराधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 34 व्यक्ति लाभान्वित हुए। चेक बाउंस के 10 प्रकरणों में 60,31,559 रुपये परिवादियों को दिलवाए गए और 29 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

नगर पालिका के संपत्ति कर, जल कर और दुकान किराया संबंधी 78 प्रकरणों में 4,97,456 रुपये की वसूली हुई और 78 व्यक्ति लाभान्वित हुए। बैंक रिकवरी के 7 प्रकरणों में 24,500 रुपये की वसूली हुई और 8 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 1 सिविल प्रकरण में 7,80,044 रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए और 3 व्यक्ति लाभान्वित हुए, जबकि 4 अनरजिस्टर्ड आपराधिक प्रकरणों में 8,29,851 रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए और 8 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के प्रकरण

न्यायिक मजिस्ट्रेट सेंधवा सौम्या चौधरी के न्यायालय में चेक बाउंस के 3 प्रकरणों में 3,80,000 रुपये परिवादियों को प्राप्त हुए और 8 व्यक्ति लाभान्वित हुए। भरण-पोषण के 7 प्रकरणों में 1,90,000 रुपये पक्षकारों को दिलवाए गए और 15 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

इसके अलावा 8 आपराधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 39 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 1 सिविल प्रकरण का भी निराकरण किया गया, जिसमें 3 व्यक्ति लाभान्वित हुए। इस अवसर पर अभिभाषक संघ सेंधवा के सदस्य, विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नगर पालिका और बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी तथा न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।

पक्षकारों को पौधों का वितरण

विशेष रूप से लोक अदालत के माध्यम से समझौते द्वारा अपने प्रकरणों का निराकरण कराने वाले पक्षकारों को पौधों का वितरण भी किया गया। उक्त जानकारी अभिभाषक संघ सेंधवा के प्रवक्ता प्रिन्स शर्मा ने दी।


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