खरगोन-बड़वानी

बड़वानी में पराक्रम दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में सेमिनार, स्वास्थ्य व करियर पर हुआ मार्गदर्शन

डिजिटल भारत थीम के तहत स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य जागरूकता, करियर रणनीति और राष्ट्रभक्ति का संदेश

जनोदय पंच। बड़वानी। मेरा युवा भारत की थीम पर राष्ट्रीय शिविर में पराक्रम दिवस के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय शिविर 19 जनवरी से धाबाबावड़ी में संचालित हो रहा है। इस शिविर की थीम मेरा युवा भारत एवं डिजिटल भारत है।

शिविर में प्रातः 5.00 बजे जागरण के पश्चात प्रभात फेरी तथा योग-प्राणायाम स्वयंसेवकों द्वारा किया जाता है। कार्यक्रम अधिकारी प्रो. मुवेल ने बताया कि योग-प्राणायाम के पश्चात परियोजना कार्य हेतु स्वयंसेवक जाते हैं, जिसमें पहाड़ी पर मार्ग दुरुस्तीकरण, पहाड़ पर ट्रेंच, पेड़ों की क्यारियां, बोरी बंधान जैसे कार्य किए जा रहे हैं। दोपहर भोजन के पश्चात बौद्धिक सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर विषय विशेषज्ञों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया जाता है।

स्वास्थ्य, करियर और सांस्कृतिक गतिविधियां

आज के बौद्धिक सत्र में जिला स्वास्थ्य विभाग के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. लखन गांगले ने स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज नशा युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अल्पायु में नशे से युवाओं की शक्ति क्षीण हो रही है और दुखद घटनाएं घटित होने से माता-पिता पर बच्चों की अर्थी का बोझ आ जाता है। शराब, बीड़ी, सिगरेट के साथ ड्रग्स भी युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं। विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित बच्चों को शासकीय योजनाओं के माध्यम से लाभ दिलाकर उनका मार्गदर्शन करना और उन्हें बीमारी से मुक्त करना बड़ी समाज सेवा है। कार्यक्रम में करियर परामर्श और प्लेसमेंट विषय पर स्वामी विवेकानंद करियर प्रकोष्ठ के जिला नोडल डॉ. अनिल पाटीदार ने व्याख्यान देते हुए कहा कि युवाओं को करियर के लिए उचित रणनीति की आवश्यकता है, जिसमें सत्यनिष्ठा, समय प्रबंधन और निरंतरता से विद्यार्थी अपने जीवन को सही दिशा दे सकते हैं। मेरा युवा भारत के तहत पराक्रम दिवस पर आयोजित सेमिनार में सुभाष चंद्र बोस के साहस और आजाद हिंद फौज के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला गया। जिले में मेरा युवा भारत पर कार्य कर रहे दर्शन यादव ने सेमिनार आयोजन की जानकारी दी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील कुल्हारे ने बताया कि बौद्धिक सत्र के पश्चात विद्यार्थी ग्राम संपर्क करते हैं, जहां विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों में जागरूकता उत्पन्न की जाती है। रात्रि में भोजन के पश्चात सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होता है, जिसमें नाटिकाएं और नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और सोशल मीडिया जागरूकता पर नाट्य मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन सपना बघेल, रवीन्द्र डोडवे ने किया, जबकि अर्जुन डोडवे निशीका बडोले ने स्वयंसेवक प्रतिनिधि के रूप में अध्यक्षता की। शिविर में नियंत्रक दिलीप डोडवे विक्की भावना सोनू चौहान उपस्थित रहे।

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