सेंधवा: बाबा साहब की अस्थि कलश यात्रा का भव्य स्वागत, समाजजनों ने किए दर्शन,
बिजासन घाट और भंवरगढ़ किले पर हुआ पारंपरिक स्वागत, नगर में समाजजनों ने माल्यार्पण कर अर्पित की श्रद्धांजलि

जनोदय पंच | सेंधवा महाराष्ट्र के धुलिया से महू जा रही बाबा साहब अंबेडकर की अस्थि कलश यात्रा सेंधवा क्षेत्र में पहुंची, जहां समाजजनों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। बिजासन घाट से नगर तक यात्रा में लोगों ने दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और नारे लगाए।
सेंधवा क्षेत्र में शनिवार को महाराष्ट्र के धुलिया शहर से बाबा साहब अंबेडकर की जन्मस्थली महू जा रही अस्थि कलश यात्रा का प्रवेश हुआ। मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित बिजासन घाट पर आदिवासी समाजजनों ने अस्थि कलश का पूजन कर स्वागत किया। इस दौरान ढोल-मांदल की धुन पर पारंपरिक तरीके से यात्रा का अभिनंदन किया गया। समाजजनों ने अस्थि कलश के दर्शन कर माल्यार्पण किया।
इसके बाद यात्रा भंवरगढ़ किले पर पहुंची, जहां आदिवासी क्रांतिकारी योद्धा खाज्या नायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान समाजजनों ने “बाबा साहब अंबेडकर अमर रहे” और “खाज्या नायक अमर रहे” के नारे लगाए। इस दौरान आदिवासी समाज के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कनौजे, गेंदराम भाई, चिंटू किराड़े सहित कई अन्य समाजजन उपस्थित रहे।

यात्रा का उद्देश्य और जानकारी
अस्थि कलश यात्रा के बड़वानी जिला प्रभारी बालकृष्ण बाविस्कर ने बताया कि यह यात्रा बड़वानी जिले से होते हुए बाबा साहब अंबेडकर की जन्मस्थली महू में समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य बाबा साहब के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा लोगों को उनके पदचिह्नों पर चलने के लिए प्रेरित करना है।

सेंधवा नगर में स्वागत
शनिवार दोपहर यात्रा सेंधवा नगर पहुंची, जहां पुराना बस स्टैंड चौराहे पर समाजजनों और अंबेडकर ग्रुप द्वारा स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अस्थि कलश के दर्शन किए और पूजन किया।




