सेंधवा; बिना पूर्व सूचना के मंडी बंद रहने से किसानों को हुई भारी परेशानी, किसान कांग्रेस के हस्तक्षेप से शुरू हुई नीलामी

सेंधवा कृषि उपज मंडी में बुधवार को किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जब बिना किसी पूर्व सूचना के मंडी अवकाश पर रही। प्रशासन की लापरवाही के कारण किसान सुबह से उपज लेकर मंडी परिसर में खड़े रहे। बाद में किसान कांग्रेस के हस्तक्षेप से नीलामी प्रारंभ हुई।
किसानों को मंडी पहुंचकर हुई निराशा
सेंधवा कृषि उपज मंडी में बुधवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान गेहूं, सोयाबीन, कपास और अन्य फसलें लेकर पहुंचे थे। सभी किसानों को उम्मीद थी कि उनकी उपज की नीलामी होगी और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा, लेकिन मंडी पहुंचने पर उन्हें पता चला कि आज मंडी का अवकाश है।
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि मंडी प्रशासन द्वारा इस संबंध में पहले से कोई सूचना जारी नहीं की गई थी। न तो नोटिस बोर्ड पर कोई सूचना लगी थी और न ही किसानों तक किसी अन्य माध्यम से जानकारी पहुंचाई गई। परिणामस्वरूप, कई किसान अपने वाहनों सहित सुबह से मंडी परिसर में खड़े रहे। इससे किसानों का समय, श्रम और धन तीनों का नुकसान हुआ।
किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने संभाली स्थिति
स्थिति की जानकारी मिलते ही किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मंडी में मौजूद कर्मचारियों से चर्चा की और मंडी सचिव से फोन पर बात कर मामले की गंभीरता बताई। किसानों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने तुरंत नीलामी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की, जिस पर प्रशासन ने कदम उठाए और नीलामी प्रारंभ की।
किसानों के पक्ष में बोले सिलदार सोलंकी
सोलंकी ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और प्रशासन का दायित्व है कि उन्हें सुविधा और सम्मान मिले। बिना सूचना मंडी बंद रखना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सूचना प्रणाली को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
किसानों ने जताया आभार
किसान कांग्रेस के हस्तक्षेप से समस्या सुलझने पर किसानों ने जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान कई किसान, व्यापारी और मंडी के कर्मचारी मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि सोलंकी की तत्परता से उनकी समस्या तुरंत हल हुई और नीलामी कार्य सुचारू रूप से आरंभ हो सका।



