बड़वानी में पुलिस जवानों को सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण, यूएसए के चिकित्सकों ने दी तकनीकी जानकारी
पुलिस लर्निंग सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सकों ने व्यावहारिक रूप से सीपीआर की प्रक्रिया समझाई।

रमन बोरखड़े। बड़वानी। बड़वानी में पुलिस जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा के लिए सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस लर्निंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने सडन कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में त्वरित सीपीआर के महत्व और व्यावहारिक प्रक्रिया की जानकारी प्रदान की।
सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
बड़वानी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री जगदीश डावर के निर्देशन में शुक्रवार को पुलिस लर्निंग सेंटर, बड़वानी में बेसिक लाइफ सपोर्ट (सीपीआर) का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के लिए सक्षम बनाना रहा।
हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के बढ़ते मामले
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान की व्यस्त जीवनशैली, असंतुलित खानपान एवं शारीरिक श्रम की कमी के कारण हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। आंकड़ों के अनुसार विश्वभर में प्रतिवर्ष लगभग 75 लाख लोगों की मृत्यु इन कारणों से होती है, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत घटनाएं सार्वजनिक स्थलों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर, मस्जिद एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में घटित होती हैं।

पहले चार मिनट में सीपीआर का महत्व
प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि सडन कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में यदि मरीज को पहले चार मिनट के भीतर सीपीआर प्रदान किया जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। इससे मस्तिष्क को होने वाली गंभीर क्षति को भी रोका जा सकता है।
चिकित्सकों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम में डॉ. आनंद कालेपू (एचडी), डॉ. धीरज पाउदिया (कार्डियोवैस्कुलर सर्जन), डॉ. किशोर मुकाती (साईं हॉस्पिटल) और डॉ. बारचे द्वारा पुलिस जवानों को व्यावहारिक रूप से सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभ्यास कराया गया।
पुलिस जवानों के साथ सामाजिक सहभागिता
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस जवानों के साथ रोटरी क्लब बड़वानी से सचिव श्री ललित जैन, श्री विशाल अग्रवाल, श्री अक्षय जैन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण पुलिस कर्मियों के लिए आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।




