खेतिया में बिजली संकट पर उबाल, आदिवासी दलित संगठन का विभाग पर घेराव जारी
ठंड में भी प्रदर्शन जारी, ग्रामीणों की कृषि सिंचाई के लिए नियमित सप्लाई बहाल करने की मांग

खेतिया। शंकर शिरसाठ। खेतिया में बिजली सप्लाई बाधित होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग का घेराव कर नियमित सप्लाई और कृषि सिंचाई हेतु बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। समाधान न मिलने के कारण धरना देर रात तक जारी रहा।
खेतिया में जागृत आदिवासी दलित संगठन ने बिजली समस्याओं को लेकर विद्युत विभाग का जोरदार घेराव किया। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे और रातभर विरोध जारी रखने की घोषणा की। प्रदर्शन स्थल पर ही भोजन बनाकर खाया गया। संगठन का कहना है कि वन ग्राम की 24 घंटे वाली बिजली सप्लाई बंद कर देने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे विरोध अनिवार्य हो गया है।
ग्रामीणों की मुख्य माँगें
संगठन ने बताया कि ग्रामीणों की प्रमुख मांग कृषि सिंचाई के लिए कम से कम 10 घंटे नियमित बिजली उपलब्ध कराने की है। खेतिया में उपस्थित कनिष्ठ यंत्री ने भी बताया कि ग्रामीण 24 घंटे सप्लाई बहाल करने और बिजली कनेक्शन माफ करने की मांग कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से चर्चा होने के बावजूद कोई ठोस समाधान न निकलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और आंदोलन की तीव्रता में भी वृद्धि हो रही है।
अधिकारियों की मौजूदगी और स्थिति
स्थिति को समझने और समाधान की कोशिश के लिए मौके पर सेंधवा डिविजन अधिकारी सखाराम खरते, नायब तहसीलदार राजाराम रानाडे, खेतिया टप्पा नायब तहसीलदार प्रजा पाटीदार और खेतिया थाना प्रभारी सुरेन्द्र कनेश मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, मगर बिजली सप्लाई के संबंध में तत्काल समाधान न मिल पाने से धरना देर रात तक जारी रहा।



