“सजी गई वाड़ी, न बोई दिया ज्वारा। साल को सबसी बड़ों त्यौहार, देखनूँ होय तो, आवजो निमाड़ हमारा”

जनोदय पंच। सेंधवा। दशोरा नागर समाज महिला मंडल सेंधवा ने निमाड़ का सुप्रसिद्ध, सबसे बड़ा त्यौहार गणगौर माता की पाती का आयोजन बड़े धूमधाम से मनाया। शाम चार बजे से दशोरा समाज की धर्मशाला में महिलाएं एकत्रित होना शुरू हुईं। श्रीमती प्रियंका अखिलेश गुप्ता दूल्हे के रूप में और श्रीमती लक्ष्मी राम गुप्ता दुल्हन के रूप में सजे हुए आए। श्रीमती अर्चना विशाल जी की बिटिया कान्हा के रूप में और श्रीमती सेजल विनय जी की बिटिया पंछी राधा रानी के रूप में श्रृंगार किए हुए थीं। पुष्पों से सभी का स्वागत किया गया। सभी महिलाओं ने गणगौर माता के गीतों पर आकर्षक नृत्य किया और सुंदर-सुंदर कवाड़ो में अपने-अपने पतियों के नाम लेकर सुनाए।
धर्म और परंपरा का संदेश
महिला मंडल सेंधवा की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री संतोष शाह ने बताया कि जब तक परिवार में महिलाएं धार्मिक संस्कृति की परंपराएं निभाएंगी, तब तक धर्म भी हमारी रक्षा करता रहेगा। अतः हमें हर धार्मिक त्यौहार को आनंद एवं उत्साह से, एक-दूसरे से मिलकर मनाते रहना चाहिए। श्रीमती प्रेमलता गुप्ता ने बताया कि गणगौर माता का पर्व नारी शक्ति, सौभाग्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक है।
शोभायात्रा और धार्मिक आयोजन
दशोरा समाज की धर्मशाला से बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित होकर शोभायात्रा के रूप में श्री राम मंदिर पहुंचीं। भगवान के दर्शन कर पाती खेलकर श्याम बाजार से होते हुए वापस धर्मशाला पहुंचीं, जहां सभी का फूलों से स्वागत कर स्वल्पाहार कराया गया। माता की तमोल और मेहंदी बांटी गई, फिर ठंडाई का आनंद लेकर सभी ने गणगौर माता का आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में शामिल महिलाएं
कार्यक्रम में श्रीमती गायत्री शाह, सुलोचना गुप्ता, दुर्गा गुप्ता, प्रेमलता, हेमलता, अर्चना नागर, श्वेता, राशिका, जयंती, सीमा, अर्चना, ज्योति, नेहा, बबली, अनीता, सोनल, अंजलि, संतोषी, मोनिका, चंद्रकांता, संध्या, शिवानी, प्रियंका, शारदा, मनीषा, अनुश्री, सलीता, कविता, रोशनी, चंदा, बंशी, नीतू, शर्मीला, गायत्री, सेजल, लक्ष्मी, जयश्री, मनोरमा, मालती सहित अनेक महिलाओं ने आकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।



