राशन प्रणाली में आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की प्रगति का मुद्दा राज्यसभा के शून्यकाल में सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने उठाया

नई दिल्ली। राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने देश की खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय सदन के समक्ष रखा। उन्होंने माननीय सभापति महोदय के माध्यम से यह प्रश्न उठाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा राशन प्रणाली को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी को लेकर जो कदम उठाए गए हैं, उनकी वर्तमान प्रगति क्या है और इससे जमीनी स्तर पर कितना सुधार हुआ है।
डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं, ताकि वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। उन्होंने आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की समीक्षा के बाद हुई प्रगति की जानकारी सदन के माध्यम से देश को देने का आग्रह किया।
इस पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती निर्मला जयंतिभाई बामणिया ने सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा के बाद आधार सीडिंग और ई-केवाईसी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। देशभर में लगभग 99.9 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से जुड़ चुके हैं, जबकि 99.2 प्रतिशत लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है।
राज्य मंत्री श्रीमती निर्मला जयंतिभाई बामणिया ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में शुरू किया गया राष्ट्रव्यापी ई-केवाईसी अभियान अब तक लगभग 85.6 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब लाभार्थियों को यह सुविधा भी उपलब्ध है कि वे देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी भी उचित मूल्य दुकान से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इस चर्चा के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, पोर्टेबल और लाभार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे देश के गरीब और जरूरतमंद वर्गों को योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित हो सके।



