प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक संपन्न
बड़वानी में विकास का स्वर्णिम अध्याय, राज्य सरकार के दो वर्ष विकास, सुशासन और जन-कल्याण को समर्पित

बड़वानी; जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागृह में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान पिछले दो वर्षों में जिले में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों और आगामी योजनाओं का विस्तृत विवरण साझा किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि यह समिति जिले के विकास को नया आयाम देगी। समिति जिले के विकास के लिए दीर्घकालीन योजना तैयार करने के साथ समस्याओं को हल करने पर भी विचार मंथन करेगी। समिति के सदस्य सही तथ्यों के साथ अपनी बात रखें। बैठक में जिले के विकास से जुड़ी समस्याएं बताने के साथ-साथ उस हल करने का सुझाव भी दें।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूरे हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिली हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़वानी जैसे जनजातीय बहुल और दुर्गम पहाड़ी जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ष्सरल शासन-सुगम शासनष् के सिद्धांत को अपनाया है। पिछले दो वर्षों को जिले के विकास का स्वर्णिम अध्याय बताया गया है।

सिंचाई और जल प्रबंधन- कृषि विकास की रीढ़
बड़वानी में दो सिंचाई परियोजनाओं का शुभारम्भकिया है सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना जिसकी लागत 1715 करोड़ रूपये है। जिले की 4 तहसील क्षेत्र राजपुर, सेंधवा, निवाली एवं बड़वानी के कुल 107 ग्रामों के लगभग 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करेगी। जनजातीय नायक क्रांति सूर्य टंट्या मामा के नाम से निवाली माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रारंभ की गई है। जिससे 93 गांवों की 33000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी जिसकी कुल लागत 1088 करोड़ हैं। मुख्यतः कृषि पर निर्भर जिले के संपूर्ण क्षेत्र को सिंचित करने की दृष्टि से 155 करोड़ की लागत से 6000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने वाली पाटी माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगतिरत है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा के तारतम्य में तहसील पानसेमल में मां नर्मदा का जल उपलब्ध कराने हेतु 53 गांवों के लगभग 22500 हेक्टेयर भूमि का सर्वे प्रगतिरत् है।
कृषि एवं उद्यानिकी में नवाचार
कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा जिला बड़वानी को नई दिशा प्रदाय की गई हैं ड्रिप एवं स्प्रिंकलर माइक्रोइरीगेशन के माध्यम से जिले का लगभग 6200 हेक्टेयर पर ड्रॉप मोर क्रॉपश् के सिद्धांत पर सिंचित किया जा रहा है। मृदा एवं जलवायु संरक्षण की दृष्टि से प्राकृतिक कृषि पर विशिष्ट जोर दिया गया हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड योजना अंतर्गत विगत दो वर्ष में लगभग 38000 मृदा परीक्षण कार्ड प्रदाय किये गये है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत लगभग 1250 किसानों को सोलर पंप हेतु लगभग 4 करोड़ अनुदान राशि स्वीकृति की प्रक्रिया में है बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों के रकबे में वृद्धि करने हेतु केला प्रोसेसिंग हेतु कलस्टर तैयार किये जा रहे है। नरेगा योजनान्तर्गत एक बगिया मां के नाम परियोजना में 725 से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं को फलोद्यान प्रदाय किये गये है। जिसमें बड़वानी जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। उद्यानिकी से जुड़े सूक्ष्म खाद्य उद्योग को बढ़ावा देते हुये 186 प्रसंस्करण इकाईयां पीएमएफएमई योजना अंतर्गत स्थापित की गई है।
बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
जिला बड़वानी के दुर्गम एवं संपर्क विहीन क्षेत्र को आसपास के क्षेत्रों से आवागमन सुविधा से जोड़ने की दृष्टि से विगत दो वर्षों में महत्वपूर्ण कदम उठाये गये है। बड़वानी को महाराष्ट्र के नासिक एवं धुले एवं मध्यप्रदेश के धार खरगोन एवं इन्दौर से जोड़ने वाली मनमाड़-इन्दौर रेलवे लाईन स्वीकृत की गई है। बावनगजा पाटी बोकराटा मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया गया है जिससे 160 गांव को संपर्क की सुविधा प्राप्त हुई है। 615 करोड़ की लागत से सेंधवा से खेतिया राष्ट्रीय राजमार्ग का उन्नयन किया गया है। 18 किमी का पाटी सिलावद मार्ग उन्नयन कार्य प्रगतिरत् है। जिसकी लागत 42 करोड़ हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत विगत दो वर्षों में 125 किमी ग्राम सड़क का निर्माण लगभग 64 करोड़ राशि से किया गया है। संपर्कता विहीन मजरे टोलो को सड़क से जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना भाग 4 अंतर्गत 705 सर्वे किये गये है एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला अंतर्गत 948 संपर्कता विहीन बसाहटों का सर्वे किया गया है।

स्वास्थ्य और लोक कल्याण
चिकित्सा के क्षेत्र में जिले अंतर्गत अतिरिक्त 100 बिस्तरीय उन्नयन कार्य जिला चिकित्सालय में किया गया है एवं 8 प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के उन्नयन के लगभग 40 करोड़ के कार्य पूर्ण किये गये है। दुर्गम क्षेत्रों में सुलभ चिकित्सा सुविधा प्रदाय करने की दृष्टि से जिले द्वारा ग्रीन कमाण्डो अभियान प्रारंभ किया गया है। जिसमें आकांक्षी विकासखण्ड पाटी के रोसर कलस्टर के कुल 36 गांव में 136 दलों द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं टीकाकरण किया गया इस नवाचार के माध्यम से एक दिन में 215 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई एवं 3600 व्यक्तियां की टी.बी. एवं सिकल सेल की जांच की गई।
रोजगार और सुशासन
औद्योगिक विकास के तहत 356 नई इकाइयां स्थापित, जिससे 9201 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला।समस्या निवारण हेतु 216 ग्राम पंचायतों को सर्वसुविधायुक्त बनाया गया और श्क्लस्टर अनुश्रवण शिविरश् लगाकर पेंशन, संबल और पीएम किसान निधि जैसी शिकायतों का मौके पर निपटारा किया गया।
ग्रामीण विकास
ग्रामीण विकास हेतु जिले में 51 अटल ग्राम सेवा सदन भवन लगभग 19 करोड़ राशि के स्वीकृत किए गये है एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन स्थापित करने के लिए 216 ग्राम पंचायत भवनों को सर्व सुविधा युक्त एवं क्रियाशील किया जा रहा है। ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवश्यकताओं एवं आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु कलस्टर अनुश्रवण शिविर लगाये जा रहे है जिससे ग्रामीणों के हितग्राही मूलक कार्य जैसे- पेंशन, संबल, समग्र आईडी, पीएम किसान सम्मान निधि इत्यादि का निराकरण द्रुत गति से किया जा रहा है। नरेगा योजना अंतर्गत संचालित जलगंगा संवर्धन अभियान अंर्तगत जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता पर पूर्ण किया गया एवं जनभागीदारी के माध्यम से इस अभियान को जन अभियान का स्वरूप दिया गया।
बैठक में कलेक्टर जयति सिंह ने समिति के गठन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जिले में परम्परागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देते हुए जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करेगी। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं के बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने तथा स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को योजनाओं के रूप में मूर्त रुप दिए जाने संबंधी सुझावों पर विचार किया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंतसिंह पटेल, पूर्व केबिनेट मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, कलेक्टर श्रीमति जयति सिंह, जिला पंचायत सीईओ सुश्री काजल जावला, नगर पालिका बड़वानी अध्यक्ष श्रीमति अश्विनी निक्कू चौहान, नगर पालिका सेंधवा अध्यक्ष श्रीमति बसंतीबाई यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अजय यादव, जनपद पंचायत बड़वानी अध्यक्ष श्री भूंटीबाई पप्पू पटेल, जनपद पंचायत ठीकरी अध्यक्ष श्री मनोहर अवास्या सहित जनप्रतिनिधिगण एवं समिति के अशासकीय सदस्य उपस्थित थे।



