भोगरिया हाट में सुरक्षा और शराबबंदी को लेकर आदिवासी समाज ने सौंपा ज्ञापन
निवाली जयस युवा नेता दीपक निगावल ने झूलों की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

जनोदय पंच। निवाली/बड़वानी; क्षेत्र के पारंपरिक और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक भोगरिया हाट के सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर आज आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम निवाली थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समाजजनों ने हाट-बाजारों में व्याप्त अव्यवस्थाओं, अवैध शराब की बिक्री और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की।
झूलों की सुरक्षा को लेकर दीपक निगावल ने घेरा
ज्ञापन सौंपने के दौरान जयस युवा नेता दीपक निगावल ने मेलों में लगने वाले झूलों की सुरक्षा पर कड़ा प्रश्न खड़ा किया। उन्होंने कहा, ग्रामीण अंचलों में लगने वाले मेलों में अक्सर झूलों की गुणवत्ता अत्यंत खराब होती है, जिससे बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा या फिर हमारे निर्दाेष आदिवासियों की जान के साथ खिलवाड़ होता रहेगां यदि सुरक्षा की गारंटी नहीं है, तो ऐसे असुरक्षित झूले हाट-बाजारों में लगने ही नहीं चाहिए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
शराबबंदी और अवैध गतिविधियांरू पांचवीं अनुसूची के तहत बड़वानी जिला अनुसूचित क्षेत्र में आता है। अतः भोगरिया के दिन निवाली, कुसम्या, खामपानी और मैलादे में शराब की दुकानें पूर्णतः बंद रखी जाएं और सट्टे-जुए जैसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगे।
खाद्य सामग्री की जांचरू हाट में बिकने वाले घटिया तेल से बने खाद्य पदार्थ, बासी जलेबी और मिलावटी सामग्री की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
तोल-मोल में धांधलीरू सामान तोलते समय चुंबक का प्रयोग कर आदिवासियों को लूटने वाले दुकानदारों के कांटों की जांच हो।
सुरक्षा और सीसीटीवी महिलाओं और युवतियों के साथ होने वाली छेड़खानी को रोकने के लिए हाट क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और भारी पुलिस बल तैनात किया जाए।
पेयजल व्यवस्था- भीषण गर्मी को देखते हुए हाट में आने वाले ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए ।
यह रहे उपस्थिति
इस अवसर पर गजानन ब्राह्मणे, लक्ष्मण सेनानी, जयस नेता दीपक निगावल, धर्मवीर ब्राह्मणे, मुकेश आर्य, दिनेश सोलंकी, संदीप जाधव, सुवालाल खरते, अखलेश ब्राह्मणे, अमित खरते, रितेश खरते, अभिषेक दुडवे सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



