
इंदौर में भाजपा की नई नगर कार्यकारिणी की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए। नगर मंत्री बनाए जाने पर खाती समाज ने आपत्ति जताई। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष के पोस्टर पर कालिख पोती गई और कई कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे सौंप दिए।
नई कार्यकारिणी पर बवाल
भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने अपनी नियुक्ति के करीब नौ महीने बाद नगर कार्यकारिणी की घोषणा की। इस सूची में 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री और 8 मंत्री सहित कुल 33 पदाधिकारी शामिल हैं। चर्चा का केंद्र बनी स्वाति कासिद, जिन्हें नगर मंत्री बनाया गया है। उनकी नियुक्ति का विरोध खाती समाज ने खुलकर किया और भाजपा कार्यालय में नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
खाती समाज का विरोध और इस्तीफे
स्वाति कासिद, युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद की पत्नी हैं, जिन पर अवैध वसूली और हत्या के आरोप हैं। नगर निगम चुनाव के दौरान भाजपा ने स्वाति को पार्षद प्रत्याशी बनाया था, परंतु पति की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आने पर 16 घंटे में उनका टिकट वापस ले लिया गया था। युवराज उस्ताद पर हत्या, हत्या के प्रयास और रासुका के दो प्रकरण दर्ज हैं। विरोध के चलते खाती समाज के सदस्यों ने भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी की और पोस्टर पर कालिख पोती। इस दौरान 28 से अधिक कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे की घोषणा की।
नेताओं की प्रतिक्रिया और पूर्व नीति
खाती समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन चौधरी ने कहा कि पार्टी उनके समाज को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा ने जीतू जिराती के समर्थकों को पद नहीं दिए, जबकि समाज का बड़ा हिस्सा भाजपा को वोट करता है। वहीं, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पहले स्पष्ट किया था कि पार्टी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को टिकट नहीं दिया जाता।



