सेंधवा : बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बलवाड़ी में भव्य आयोजन, 20 हजार लोगों की उपस्थिति, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातिआयोग अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य बोले—धर्म परिवर्तन जैसी समस्याओं से समाज सतर्क रहे
बलवाड़ी में आदिवासी परंपरा, जनजागरूकता और सांस्कृतिक एकता के साथ हुआ दिवसीय कार्यक्रम

बलवाड़ी में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन में आदिवासी परंपरा का प्रदर्शन, नशा मुक्ति और सामाजिक एकता के संदेश दिए गए। समापन में नगर मार्गों से विशाल रैली निकाली गई और सुरक्षा व्यवस्था की गई।
सेंधवा ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर बलवाड़ी में शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस आयोजन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे दीप प्रज्वलन और आदिवासी पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुई। इस अवसर पर आदिवासी क्रांतिकारी योद्धाओं को नमन किया गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

युवाओं को नशा मुक्ति और सामाजिक एकता का संदेश
समारोह में सामाजिक कार्यकर्ता खूमसिंह चौहान, ज्ञानेश्वर जाधव और विकास आर्य ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है और बाहरी संगठनों द्वारा समाज को बांटने के प्रयासों से सतर्क रहने की जरूरत है। विकास आर्य ने आदिवासी समाज की सदियों पुरानी एकता और परंपरा के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान अंतरसिंह आर्य पारंपरिक वेशभूषा में तीर-कमान लिए खुली जीप में सवार होकर समारोह स्थल पहुंचे।
NCST अध्यक्ष का संबोधन और जनजातीय गौरव दिवस का उल्लेख
मुख्य अतिथि अंतरसिंह आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग देश के 11.30 करोड़ आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्यरत है। उन्होंने बिरसा मुंडा की जन्मस्थली के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उनके परिवार से मिलकर आदिवासी क्रांतिकारी परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश प्राप्त हुआ। आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है, जो आदिवासी नायकों के सम्मान का प्रतीक है।

रैली और सुरक्षा व्यवस्था
कार्यक्रम के समापन पर कृषि उपज मंडी प्रांगण से विशाल रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। समाजजन पारंपरिक वाद्य यंत्रों और डीजे साउंड पर बजते आदिवासी गीतों के साथ नृत्य करते हुए रैली में शामिल हुए। आर्य ने अपने संदेश में समाज को धर्म परिवर्तन जैसी समस्याओं से सतर्क रहने की सलाह भी दी। रैली के दौरान वरला थाना सहित आसपास के पुलिस बल को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया।





