बड़वानी: शासकीय आदर्श महाविद्यालय में योग-प्राणायाम गतिविधि आयोजित
राष्ट्रीय कार्यबल के अंतर्गत शासकीय आदर्श महाविद्यालय में कार्यक्रम, विद्यार्थियों को योग और प्राणायाम के माध्यम से मानसिक तनाव कम करने के उपाय बताए गए।

जनोदय पंच। बड़वानी। नगर के शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशानुसार एवं आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार नियमित रूप से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के पत्रों के अनुपालन में मार्च कैलेंडर के अंतर्गत “योग प्राणायाम गतिविधियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव” विषय पर गतिविधि का आयोजन हुआ। इसमें विद्यार्थियों को योग और प्राणायाम से होने वाले लाभ से अवगत कराया गया। प्रतियोगिता के दौर में विद्यार्थी परीक्षा, सामाजिक, आर्थिक परिस्थितियों के कारण मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो जाते हैं। योग-प्राणायाम जैसी प्राचीन पद्धतियां, जो ऋषि-मुनियों द्वारा सिद्ध हैं, उनसे विद्यार्थियों को राहत मिलती है। इसे जीवन का अंग बनाना चाहिए।
विद्यार्थियों को योग के महत्व की दी जानकारी
महाविद्यालय के डॉ. बी.एस. मुजाल्दे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग-प्राणायाम एक प्राचीन पद्धति है। इसे प्रतिदिन करने से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। परीक्षाओं का समय है, इसलिए परीक्षा के दौरान शांत बैठकर लंबी गहरी सांस लें और स्वयं को ध्यान मुद्रा में लीन रखें। ध्यान, प्राणायाम और आसन से शरीर स्वस्थ रहता है। योग की विभिन्न क्रियाएं बहुत सरल हैं, जिन्हें चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। इन्हें घर पर भी किया जा सकता है। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल डॉ. अनिल पाटीदार ने गतिविधि का आयोजन करते हुए कहा कि इसमें शिक्षक, अभिभावक मेंटल हेल्थ क्लब के डॉ. दिनेश पाटीदार ने योग-प्राणायाम की विभिन्न मुद्राओं का संक्षेप में परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लखन परमार ने किया तथा महाविद्यालय के डॉ. डी.आर. मुजाल्दा ने आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से मुक्ति हेतु आयोजित किया गया




