खलघाट टोल पर किसान आंदोलन स्थगित, ज्ञापन सौंपने के बाद लिया फैसला
5 हजार किसानों का हाईवे-52 पर प्रदर्शन थमा, प्रशासन से चर्चा के बाद विराम

खलघाट टोल पर किसानों ने चक्काजाम के बीच अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा, प्रशासन से चर्चा के बाद हाईवे पर यातायात बहाल।
खलघाट। नरेंद्र चौहान। धार जिले के खलघाट टोल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्जमाफी और अन्य मांगों को लेकर चल रहा किसान आंदोलन प्रशासन से हुई बैठक के बाद अस्थायी रूप से रोक दिया गया। करीब 5 हजार किसानों के प्रदर्शन के बीच हाईवे-52 पर हुए चक्काजाम के बाद अब यातायात सामान्य हो गया है।
धार जिले के धामनोद में खलघाट टोल पर चल रहा किसान आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों से पहुंचे लगभग 5 हजार किसानों ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्जमाफी और अन्य मांगों को लेकर नेशनल हाईवे-52 पर प्रदर्शन कर रहे थे।
हाईवे पर चक्काजाम और सुरक्षा व्यवस्था
आंदोलन के दौरान किसानों ने हाईवे पर पेड़ रखकर चक्काजाम किया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे धार जिले में धारा 144 लागू की और करीब 400 पुलिसकर्मियों का बल तैनात किया गया। किसानों और प्रशासन के बीच हुई बैठक के बाद देर रात आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
कलेक्टर का बयान
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा है। उनकी सभी मांगें राज्य और केंद्र सरकार तक भेजी जाएंगी। सरकार का भी कहना है कि किसान अपनी समस्याएं अपने जनप्रतिनिधियों और सांसदों के माध्यम से केंद्र तक रखें। इसी आधार पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी और शेष मांगों पर विचार किया जाएगा।
भोजन और ठहरने की व्यवस्था
आंदोलन के दौरान किसान महासंघ ने दूर-दराज से पहुंचे किसानों के लिए भोजन और रुकने की व्यवस्था की। सड़क पर ही भोजन बनाया गया और जिनके पास रुकने के साधन नहीं थे, उनके लिए विशेष इंतजाम किए गए। एक लेन से ट्रैफिक शुरू होने पर किसानों ने विरोध भी जताया था।
पांच माह से लंबित सुनवाई पर नाराजगी
पांच महीनों से लगातार आवेदन देने के बावजूद सुनवाई न होने से किसान नाराज थे और इस कारण यह आंदोलन प्रारंभ किया गया। फिलहाल हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति सामान्य है।



