बड़वानी में राष्ट्रीय राजमार्ग धंसा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने बड़े गड्ढे ने यातायात और सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, गनीमत रही कि हादसा टल गया।

बड़वानी जिला मुख्यालय के समीप छोटी कसरावद रोड पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। खंडवा–वडोदरा राजमार्ग पर नर्मदा नदी पर बने बड़े पुल के पास सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे बड़ा गड्ढा बन गया और वाहनों का जाम लग गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, लेकिन सवाल यह है कि यदि यह हादसा व्यस्त समय में होता तो जिम्मेदारी किसकी होती?
दो राज्यों को जोड़ने वाले मार्ग की अनदेखी क्यों?
यह स्थान बड़वानी से लगभग पांच किलोमीटर दूर ग्राम छोटी कसरावद में स्थित है, जहां नर्मदा नदी पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा पुल बना है। यह मार्ग खंडवा–वडोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है, जो मध्य प्रदेश और गुजरात को जोड़ता है और जिस पर हर समय भारी यातायात दबाव रहता है। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क का धंसना क्या नियमित निगरानी की पोल नहीं खोलता? आखिर इस खतरे को समय रहते क्यों नहीं देखा गया?
पाइपलाइन फूटी, सवाल खड़े हुए
राहगिरों ने के अनुसार सड़क के पास पेयजल की पाइपलाइन फूटी हुई थी, जिससे तेज गति से पानी बह रहा था और सड़क का हिस्सा गीला हो गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण सड़क धंसी। सड़़क धंसने के बाद राहगीरों ने ही बैरिकेड और पत्थर रखकर एहतियात की, ताकि कोई दुर्घटना न हो। राहगिरों ने बताया कि यह मार्ग दिनभर व्यस्त रहता है और रात के समय यहां अंधेरा रहता है, पुल पर रोशनी भी नहीं है। ऐसे में जिम्मेदार कब जागेंगे और कार्रवाई कब होगी?

सूचना मिलने पर पुलिस और नगर पालिका अमले के मौके पर पहुंचने तथा पुल के एप्रोच रोड के आधे हिस्से से सावधानीपूर्वक आवागमन कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए, क्योंकि बड़वानी में सड़क धंसने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। सवाल साफ है—क्या अगली बार भी सिर्फ “हादसा टल गया” कहकर जिम्मेदारी टाली जाएगी?



