मुसीबत मनुष्य को स्वस्थ्य बनाने के लिए आती है- योग गुरू सोनी

जनोदय पंच। सेंधवा। मुसीबत मनुष्य को स्वस्थ्य बनाने के लिए आती है। सेंधवा मुसीबत मनुष्य को स्वस्थ्य बनाने के लिए आती है, लेकिन व्यक्ति उसे अभिशाप समझता है, यदि व्यक्ति अपना मूल्यांकन कर लें तो रोग उससे दूर रह सकते हैं। उक्त बातें योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने स्थानीय सदर बाजार स्थित निजी कपड़ा दुकान पर कार्यरत महिला कर्मचारियों से महिला दिवस की पूर्व संध्या पर निशुल्क योग शिविर में कहीं।
योग गुरु ने आगे बताया कि आज़ मनुष्य अपने मोबाइल का रिचार्ज एवं उसे चार्ज करना नहीं भूलता, सभी जरूरी अन्य कार्य छोड़ कर वह पहले मोबाइल को प्राथमिकता देता है। लेकिन वह बड़ी भूल कर रहा है।उसे पहले शरीर को पश्चात मोबाइल को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि शरीर स्वस्थ तो जीवन मस्त। योग गुरु ने आगे बताया कि क्षमा मांगने एवं धन्यवाद बोलनें में देर ना लगायें।जो नम्र रहेगा जिंदगी उसकी बनती है, रिश्ता किमती है,उसे ना टुटने दे। व्यक्ति मान भूल सकता है, अपमान नहीं,अत मानसिकता बदले,सोच सकारात्मक रखें, अहंकार को हटाकर देखें तनाव दूर होगा,भय भागेगा, सुख मिलेगा, स्वयं पर नियंत्रण करना सीखें, स्वास्थ्य मिलेगा। क्यों कि दिखावे से शांति नहीं मिलती है। पंच तत्व से मनुष्य की उत्पत्ति हुई है, उससे वह दूरी बना रहा है,इसका परिणाम यह रोगों से बचाव चाहता है, उसके पास अपार सुविधा उपलब्ध होने के बाबजूद वह परेशान हैं। आज के समय में घरेलू महिलाये अथवा नौकरी पेशा महिला ये हो उन पर अनेकों प्रकार की जवाबदारी होती हैं, सभी किसी ना किसी प्रकार के रोगों से छुटकारा चाहते हैं। कोई असमय भोजन बनाने से, असमय भोजन करने से, असमय जागने एवं असमय होने से क्योंकि जवाबदारियां पूरी करनी होती हैं, और परिवार का ध्यान रख, बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना होता है तभी उनका भविष्य सुरक्षित होगा।

अनेकों प्रकार की सोच उसे विचलित करती रहती है। लेकिन फिर वह स्थिर रह कर अपना कार्य करतीं रहती है।आज आधुनिक युग में महिलाओं को तनावों से, रोगों से, मानसिक असुंतलन, आर्थिक परेशानियां से बचना है तो योग प्राणायाम का अभ्यास,भम्रण सुबह करना होगा।तभी वे प्रसन्न जीवन व्यतीत कर सकते हैं। जैसे पट्टा आसन शारीरिक थकावट दूर करने में मदद करता हैं, विट्ठल आसन एडी पंजे का दर्द, पाचन क्रिया में सुधार लाता है, सिरदर्द, आदि में चमत्कारिक लाभ होता है, आंखों की रोशनी के लिए, आंखों में पानी आना, आंखों में जलन,कम दिखाई दे ना आदि में आईवास, जलनेति, आंवला चूर्ण का सेवन आदि, भोजन के बाद गैस होने पर पांच मिनट लगातार धीमे-धीमे ताली बजाये, दिमाग़ी संतुलन के लिए भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास करें। समय नहीं मिलने पर घर पर ही कभी पैर के पंजे पर तो कभी एडी पर चलने का अभ्यास करें तो नसों में दर्द में राहत मिलती है। जिन महिलाओं को शरीर में हमेशा दर्द बना रहता है वे छोटा-सा प्रयोग करके देख ले चमत्कारिक लाभ होता है,100 ग्राम सौ ग्राम जीरा, सौ ग्राम अजवायन, सौंफ, पच्चीस ग्राम हरी इलायची इन चारो को मिक्सर में पीस कर पाउडर बना लीजिए, फिर रात को सोते समय एक चम्मच पावडर गुनगुने पानी से सेवन कर लें। इस अवसर पर कपड़ा व्यापारी सुनील चौमुवाला एवं उनकी महिला कर्मचारी एवं पुरुष कर्मचारियों ने निशुल्क योग शिविर का लाभ उठाया। फोटो महिला ध्यान आसन करते हुए। योग निशुल्क दवाइयां भी महिला दिवस पर महिला कर्मचारी को निःशुल्क दी।



