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इंदौर: आयुष्मान कार्ड से अब मोटापे का मुफ्त इलाज, एमवाय अस्पताल में शुरुआत, 5 लाख तक की बेरिएट्रिक सर्जरी अब शासकीय अस्पताल में संभव

राज्य शासन ने मोटापे को आयुष्मान योजना में शामिल किया, महाराजा यशवंतराव अस्पताल में बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक क्लीनिक शुरू

  1. मोटापे को बीमारी मानते हुए आयुष्मान योजना में शामिल किया गया।

  2. इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में मुफ्त उपचार की सुविधा।

  3. निजी अस्पतालों में 4–5 लाख तक की बेरिएट्रिक सर्जरी अब आयुष्मान से संभव।

  4. पहली बार प्रदेश के शासकीय अस्पताल में बेरिएट्रिक क्लीनिक की शुरुआत।

  5. मरीजों ने उपचार के बाद वजन में कमी और बीमारियों से राहत की जानकारी दी।


जनोदय पंच। मध्य प्रदेश में मोटापे को बीमारी मानते हुए आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है। इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में अब बेरिएट्रिक सर्जरी और उपचार निशुल्क उपलब्ध होगा। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगे इलाज से राहत मिलेगी।


आयुष्मान योजना में मोटापा शामिल

राज्य शासन ने मोटापे को बीमारी के रूप में स्वीकारते हुए आयुष्मान योजना में शामिल किया है। इसके बाद इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में मोटापे का उपचार संभव हो सकेगा। वर्तमान में निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों में बेरिएट्रिक सर्जरी पर 4 से 5 लाख रुपए तक खर्च आता है। अब आयुष्मान योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपचार मिलेगा। योजना के तहत सर्जरी कराने पर आयुष्मान राशि के अतिरिक्त आवश्यक राशि ही जमा करनी होगी, अन्यथा इलाज निशुल्क रहेगा।


शासकीय अस्पताल में पहली बेरिएट्रिक क्लीनिक

प्रदेश के किसी शासकीय अस्पताल में पहली बार बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक क्लीनिक की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को उपचार उपलब्ध कराना है। अस्पताल के सर्जरी विभाग में मोटापे से ग्रस्त मरीजों को परामर्श और ऑपरेशन की सुविधा दी जा रही है।


तेजी से बढ़ती मोटापे की समस्या

देशभर में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली और खान-पान के अभाव के कारण यह समस्या बढ़ती जा रही है। पहले यह समस्या शहरों तक सीमित थी, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। मोटापा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों को जन्म देता है। सामान्यत: इसका उपचार महंगा होता है, लेकिन अब शासकीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है।


मरीजों ने साझा किए अनुभव

बेरिएट्रिक और मेटाबॉलिक क्लीनिक की शुरुआत के अवसर पर श्रीमती सुषमा भिलवारे ने बताया, “10 साल पहले उनका वजन 103 किलोग्राम था। एमवाय अस्पताल में संपर्क करने के बाद मेरा उपचार प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत हुआ। आज मेरा वजन मात्र 70 किलोग्राम है और मुझे कई बीमारियों से भी मुक्ति मिल गई।”

इंदौर के खजराना क्षेत्र निवासी एक महिला ने बताया कि वह कई वर्षों से मोटापा, बीपी, हाईपरटेंशन, थायराइड और जोड़ों के दर्द से ग्रस्त थी। उनका वजन 120 किलोग्राम था। एमवाय के सर्जरी विभाग में परामर्श के बाद डॉ. घनघोरिया और उनकी टीम ने ऑपरेशन किया। अब उनका वजन 97 किलोग्राम है और उन्हें राहत है।


 

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