indore news इंदौर में घने कोहरे का कहर, दोपहर तक नहीं निकला सूरज, इंदौर एयरपोर्ट पर ठप रहा विमान संचालन, 16 से अधिक उड़ानें लेट
बर्फीली हवाओं से तापमान में गिरावट, दृश्यता घटकर 100 मीटर तक पहुंची

जनोदय पंच इंदौर; इंदौर शहर में घने कोहरे और ठंडी हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ। दृश्यता में भारी कमी के कारण हवाई, सड़क और रेल यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शुक्रवार सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटी नजर आई। बीती रात से चल रही बर्फीली हवाओं के कारण शहर के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। सुबह से लेकर दोपहर तक सूरज के दर्शन नहीं हो सके। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सामान्य यातायात की रफ्तार थम सी गई और लोगों को आवागमन में सतर्कता बरतनी पड़ी।
हवाई सेवाओं पर सबसे अधिक असर
कोहरे का सबसे ज्यादा असर देवी अहिल्या बाई होलकर विमानतल पर देखने को मिला। जहां सामान्य परिस्थितियों में सुबह के समय दृश्यता तीन से पांच किलोमीटर रहती है, वहीं घने कोहरे के कारण यह घटकर करीब 100 मीटर रह गई। इसके चलते विमानों का परिचालन प्रभावित हुआ। सुबह 6:40 बजे से शुरू होने वाला उड़ानों का संचालन देरी से शुरू हो सका और पहला विमान सुबह करीब 9:30 बजे लैंड कर पाया।
विमान यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
हवाई सेवाओं में देरी के कारण 16 से अधिक उड़ानें अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे देरी से संचालित हुईं। इंदौर पहुंचने वाली उड़ानों में विलंब के चलते यहां से रवाना होने वाली उड़ानें भी प्रभावित रहीं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने खराब मौसम की जानकारी पहले ही अन्य शहरों के एयरपोर्ट्स को दे दी थी, जिससे कई विमानों ने देरी से उड़ान भरी। रात में इंदौर में ठहरे विमानों के प्रस्थान में भी विलंब देखा गया।
सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित
कोहरे का असर केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली की ओर से आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से पहुंचीं। सड़कों पर दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवाओं और कोहरे का यह दौर आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



