बलवाड़ी में होगा आदिवासी एकता का विराट संगम, गौरव दिवस की तैयारियां जोर पर
15 नवंबर को बलवाड़ी में होने वाले भगवान बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम की तैयारियों का गुरुवार को स्थल निरीक्षण किया गया, व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा हुई।

सेंधवा से 35 किलोमीटर दूर बलवाड़ी में भगवान बिरसा मुंडा जयंती और गौरव दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कृषि उपज मंडी प्रांगण में होने वाले इस आयोजन के लिए व्यवस्थाओं का गुरुवार को निरीक्षण किया गया।
भगवान बिरसा मुंडा जयंती एवं गौरव दिवस को लेकर बलवाड़ी में तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 15 नवंबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों का गुरुवार को कृषि उपज मंडी प्रांगण में निरीक्षण किया गया। इस दौरान विकास आर्य ने कार्यकर्ताओं और समाजजनों के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
20 से 30 हजार लोगों की उपस्थिति की संभावना
आयोजकों ने बताया कि बिरसा मुंडा गौरव दिवस के इस भव्य कार्यक्रम में पूरे विधानसभा क्षेत्र से 20 से 30 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। विकास आर्य ने जानकारी दी कि कार्यक्रम स्थल पर बैठक व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और वाहन पार्किंग जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि किसी भी अतिथि या समाजजन को असुविधा न हो।

सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा आयोजन
विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से लोग वाहनों के माध्यम से बलवाड़ी पहुंचेंगे। निरीक्षण के दौरान राजेंद्र चौधरी, अशोक नुवाल, ओम सेंदाने, गणेश पाटिल, जागलिया सेनानी, मांगीलाल मोरे, शांतिलाल, नरेंद्र पाटिल और गणेश चौहान सहित बड़ी संख्या में आदिवासी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विकास आर्य ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। यह आयोजन आदिवासी समाज की एकता और गौरव का प्रतीक बनेगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य सहित प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के आदिवासी समाज के नेता भी शामिल होंगे।



