सेंधवा; नेहरू स्कूल में सरस्वती पूजन और नेताजी स्मरण के साथ मनाया गया बसंत पंचमी पर्व
नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी स्कूल में पूजन, प्रेरक संबोधन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन

सेंधवा के नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी स्कूल में बसंत पंचमी और पराक्रम दिवस भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। मां सरस्वती का पूजन, प्रेरक संबोधन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में संस्था पदाधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भक्तिमय वातावरण में हुआ सरस्वती पूजन
सेंधवा में शिक्षा प्रसारक समिति द्वारा संचालित नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था अध्यक्ष द्वारा मां सरस्वती की आदमकद प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण से किया गया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर ‘जय मां शारदे’ के उद्घोष से गूंज उठा।
वसंत पंचमी और नेताजी के विचारों पर संबोधन
पूजन के बाद संस्था अध्यक्ष रविंद्रसिंह मंडलोई ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना का प्रतीक है, जो हमें अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस जिन्हें हम नेताजी के नाम से जानते है, उनके जन्म दिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। सुभाष चन्द्र बोस के अथक प्रयासों से ही भारत को आजादी मिली। उनका जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। सच्ची देशभक्ति बातों से नहीं, कर्मों से होती है।
विद्या, संस्कार और आत्मविश्वास का संदेश
संस्था प्राचार्य हेमंत खेड़े ने बच्चों को विद्या के प्रति समर्पित रहने और अनुशासन का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षित होने के साथ-साथ संस्कारित होना भी जरूरी है।
संस्था प्राचार्य राहुल मंडलोई ने बताया कि सृष्टि के निर्माण में स्वर नहीं थे, संगीत नहीं था। मां सरस्वती के उद्भव के पश्चात ही स्वर, संगीत और ज्ञान का प्रकाश फैला। उन्होंने नेताजी के बारे में कहा कि वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाकर आंदोलन को वैश्विक मंच प्रदान किया।
उप प्राचार्य देवेंद्र कानूनगो ने कहा कि नेताजी आत्मविश्वास और दृढ़ता के धनी थे, इसलिए उनका नाम इतिहास में अमर रहेगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विद्यार्थियों की सहभागिता
कार्यक्रम में सफेद और पीले वस्त्रों में सजे छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। विद्यालयीन विद्यार्थी प्रतिज्ञा बहारे, यश भारती, परिधि खरते ने पराक्रम दिवस और बसंत पंचमी पर्व पर अपने विचार व्यक्त किए। नेहा बंजारे और मानसी वर्मा ने सरस्वती वंदना और कविता का पाठ किया।
संस्था पदाधिकारियों और स्टाफ की सहभागिता
संस्था की इस पहल से बच्चों में संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ी। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष पीरचंद मित्तल, बी एल जैन, दिलीप कानूनगो, उपाध्यक्ष शैलेष कुमार जोशी, सचिव अशोक कुमार सकलेचा, कोषाध्यक्ष दीपक लालका, सह सचिव मनोज कानूनगो तथा समस्त स्टाफ ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी की बधाई दी।



