पानसेमल में उल्लास के साथ सजा भगोरिया महोत्सव, मांदल-ढोल की थाप पर थिरका जनसमूह, विधायक श्याम बरडे की सहभागिता

पानसेमल में रविवार को आदिवासी समाज का सांस्कृतिक भगोरिया पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से दोपहर 4 बजे तक मांदल और ढोल की थाप पर युवक-युवतियां थिरकते रहे। विधायक श्याम बरडे ने सहभागिता कर जनजातीय संस्कृति और सामाजिक एकता पर प्रकाश डाला।
रविवार को पानसेमल नगर में आयोजित भगोरिया महोत्सव में सुबह से ही उत्साह का वातावरण रहा। मांदल और ढोल की थाप पर आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थिरकते नजर आए। दोपहर 4 बजे तक नगर का वातावरण उत्सवमय बना रहा। महोत्सव में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

संस्कृति और परंपरा की झलक
भगोरिया पर्व के अवसर पर आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक परिधान धारण कर अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया। युवाओं एवं मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य और वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों ने पूरे आयोजन को उल्लासमय बना दिया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक संस्कृति की जीवंत छवि दिखाई दी।

विधायक ने कहा- सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक
महोत्सव में विधायक श्याम बरडे ने सहभागिता कर आदिवासी भाई-बहनों के साथ पारंपरिक उत्सव का आत्मीय आनंद लिया। उन्होंने कहा कि भगोरिया पर्व हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर विधायक ने उपस्थित जनसमूह से संवाद कर उनकी भावनाओं को जाना तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।




