सेंधवा

सेंधवा: खाज्या नायक कॉलेज में ओएसिस मिसाल प्रतियोगिता सम्पन्न, तीन चरणों में छात्रों ने दिखाई नेतृत्व क्षमता

व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने वाले इस कार्यक्रम में निर्णायकों ने तीन चरणों के आधार पर प्रतिभागियों का चयन किया।

सेंधवा के वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ओएसिस मिसाल प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की गई। निबंध, समूह संवाद और फील्ड प्रोजेक्ट के आधार पर प्रतिभागियों का चयन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना रहा।

वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में उच्च शिक्षा विभाग और ओएसिस मिसाल के संयुक्त तत्वावधान में प्राचार्य डॉक्टर जी.एस. वास्कले के निर्देशन में ओएसिस मिसाल प्रतियोगिता संपन्न हुई। कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया गया, जिनमें निबंध लेखन, समूह संवाद और डे प्रोजेक्ट प्रतियोगिता शामिल रही। प्रत्येक चरण में निर्णायकों की निष्पक्ष टीम उपस्थित रही और प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर किया गया।


 निबंध लेखन व समूह संवाद

प्रतियोगिता के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने शिक्षा, सामाजिक और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर निबंध प्रस्तुत किए। इस चरण का मूल्यांकन डॉ. संगीता परमार, प्रो. अरुण सेनानी और डॉ. विष्णु निकम द्वारा भाषा, विचार, तार्किकता और मौलिकता के आधार पर किया गया, जिसमें 15 विद्यार्थियों का चयन हुआ। चयनित प्रतिभागियों को 8 और 7 के समूहों में विभाजित कर दूसरे चरण में समूह संवाद कराया गया। नेतृत्व और तर्क क्षमता पर आधारित इस संवाद का मूल्यांकन डॉ. संतरा चौहान, डॉ. अखलाक खान और प्रो. अनिल डाकिया ने किया, जिसमें 9 प्रतिभागी चयनित हुए।

अंतिम चरण में चयनित छात्रों को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक गांव में फील्ड प्रोजेक्ट कार्य कराना तय किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने साक्षात्कार में अपने कार्य की व्यक्तिगत प्रस्तुति दी। इस चरण में नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान कौशल का मूल्यांकन किया गया। निर्णायक प्रोफेसर परमसिंह बरडे, डॉक्टर वैशाली मोरे और डॉ. शिल्पी गुप्ता ने अलग-अलग कक्षों में साक्षात्कार के माध्यम से प्रतिभागियों का आकलन किया। एक निर्णायक द्वारा प्रतिभागियों के फील्ड कार्य की पुष्टि फोन के माध्यम से भी की गई।


प्रतियोगिता का उद्देश्य और परिणाम

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना रहा। सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को आगामी समय में व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण संबंधी कार्यशालाओं में निशुल्क भाग लेने का अवसर मिलेगा। तीनों चरण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रतिभागी मिसाल विनर कहलाएंगे। यह जानकारी मिसाल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रोफेसर राजेश नावडे द्वारा प्रदान की गई।


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