सेंधवा में गणगौर मेले की शुरुआत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं से सजा आयोजन
दो दिवसीय आयोजन में विभिन्न स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं; बड़ी संख्या में समाजजन की सहभागिता

जनोदय पंच। सेंधवा शहर के मिंटू सेठ के पीठे में 6 और 7 मार्च 2026 को गणगौर मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में लगभग 35 छोटी-बड़ी दुकानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं। आयोजन का उद्घाटन माता सती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
सेंधवा शहर के मिंटू सेठ के पीठे में आयोजित गणगौर मेले में लगभग 35 छोटी-बड़ी दुकानों की व्यवस्था की गई है। इनमें सोने-चांदी के गहने, महिलाओं के श्रृंगार सामग्री, विभिन्न प्रकार के ब्रांडेड कपड़े, चाय-नाश्ता स्टॉल, रेस्टोरेंट और फूड जोन शामिल हैं। इसके साथ ही “खाना खजाना” फूड जोन भी मेले का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन
मेले के दौरान भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने के लिए “बत्तीसी मायरा”, “सास-बहू की नोकझोंक” पर आधारित नृत्य-नाटिका, फैंसी ड्रेस और लड्डू गोपाल का श्रृंगार सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
16 वर्षों से लगातार हो रहा आयोजन
अग्रवाल सोशल महिला मंडल की संस्थापक रेखा गर्ग ने बताया कि यह मेला पिछले 16 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। सांस्कृतिक प्रभारी सीमा गोयल और बहू मंडल प्रभारी काजल गर्ग ने जानकारी दी कि यह आयोजन श्रीमती मधु खंडेलवाल की अध्यक्षता में संपन्न हो रहा है।

माता सती पूजन के साथ हुआ उद्घाटन
मेले का शुभारंभ माता सती के पूजन-अर्चन और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन सर्वण सनातन धर्म महासभा की विमला शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर संरक्षक उमा गर्ग, सरोज तायल, रुक्मणी, ममता राधा नरेडी, कोषाध्यक्ष बबीता और उपाध्यक्ष संध्या तायल ने समाजजनों से मेले में शामिल होने का आग्रह किया।

व्यंजन और ड्राइंग प्रतियोगिता में प्रतिभाओं की भागीदारी
मेले के दौरान व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें निर्णायक के रूप में जागृति चढ़ा, मैधा एकड़ी और शर्मिला उपस्थित रहीं। इसके साथ ही शहर के बालक-बालिकाओं के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें योगी आदित्यनाथ की ड्राइंग को प्रथम स्थान और चंद्रशेखर आजाद की ड्राइंग को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

सांस्कृतिक आयोजनों से परंपराओं का संरक्षण
आयोजन के दौरान बताया गया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज की परंपराओं और रीति-रिवाजों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को त्योहारों के महत्व और भारतीय संस्कृति की जानकारी मिलती है तथा समाज में पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश भी मिलता है।



